क्षेत्रीय
18-May-2026
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मंडला (ईएमएस)। विकासखंड मवई के अंतर्गत निर्माणाधीन अपर बुढऩेर सिंचाई परियोजना विवादों के घेरे में आ गई है। परियोजना स्थल पर हो रही भारी ब्लास्टिंग और विभाग की कार्यप्रणाली के विरोध में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों और ग्रामीणों ने धरना-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि जल संसाधन विभाग की लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी के कारण समूचे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि दिन-रात की जा रही भारी ब्लास्टिंग से आसपास के मकानों में दरारें पड़ रही हैं। आक्रोश तब और बढ़ गया जब प्रदर्शन के दौरान मौके पर विभाग का कोई भी अधिकारी या ठेकेदार का प्रतिनिधि मौजूद नहीं मिला। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विभागीय अमले की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है। धरना-प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने विभाग के पुराने रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सोड़ा, रमतीला और खमरिया जैसे जलाशय वर्ष 1983 से उपेक्षा का शिकार हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी नहरें अधूरी हैं और किसानों को पानी नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों को डर है कि अपर बुढऩेर परियोजना का हश्र भी पुरानी योजनाओं जैसा ही न हो जाए। परियोजना को लेकर सबसे बड़ा विरोध सूचनाओं के अभाव में है। ग्रामीणों का कहना है कि बिना ग्राम सभा की सहमति और भूमि अधिग्रहण की स्पष्ट जानकारी के काम शुरू कर दिया गया है। पाइपलाइन के लिए खेतों में खुदाई तो कर दी गई है, लेकिन सीमांकन न होने से किसान खेती और मकान निर्माण नहीं कर पा रहे हैं। देवदादर क्षेत्र के पास प्रस्तावित इस प्रोजेक्ट में कौन से गांव डूब में आएंगे, इसकी जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। आंदोलनकारियों और क्षेत्र के किसानों ने शासन-प्रशासन के समक्ष कुछ मांगें रखी हैं। जिसमें अवैध ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए। प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा शीघ्र दिया जाए। दोषी निर्माण एजेंसी और अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो। प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाए। ग्रामीणों ने दोटूक शब्दों में कहा है कि यदि प्रशासन ने समय रहते निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं की, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और जल संसाधन विभाग की होगी। ईएमएस/मोहने/ 18 मई 2026