- 75 हजार 529 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का है लक्ष्य बालाघाट (ईएमएस). जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य जंगलों के समीप रहने वाले हजारों परिवारों को रोजगार और आर्थिक संबल प्रदान कर रही है। तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन 2026 में जिले के लिए 75 हजार 529 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए उत्तर सामान्य वन मंडल एवं दक्षिण सामान्य वन मंडल की तेंदूपत्ता संग्रहण समितियां सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उत्तर सामान्य वन मंडल के अंतर्गत संचालित 30 तेंदूपत्ता संग्रहण समितियों को 46 हजार 217 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है। वहीं दक्षिण सामान्य वन मंडल की 29 तेंदूपत्ता संग्रहण समितियों को 29 हजार 312 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य आवंटित किया गया है। शासन द्वारा तेंदूपत्ता संग्रहण की दर 4 हजार रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित की गई है, जिससे संग्राहकों को उनकी मेहनत का उचित पारिश्रमिक प्राप्त हो सके। तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य के माध्यम से जिले में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध हो रहा है। उत्तर वन मंडल में 1 लाख 32 हजार 958 लोगों को तथा दक्षिण वन मंडल में 1 लाख 1 हजार 706 लोगों को रोजगार मिल रहा है। इस प्रकार जिले में लगभग 2 लाख 34 हजार 664 लोग तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से प्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में तेंदूपत्ता संग्रहण न केवल रोजगार का माध्यम बन रहा है, बल्कि यह आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भरता की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संग्रहण कार्य से प्राप्त आय से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है तथा उनके जीवन स्तर में सुधार आ रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य लोगों को वनों की सुरक्षा एवं संवर्धन के प्रति भी जागरूक करता है। जब ग्रामीणों की आजीविका जंगलों से जुड़ती है, तब वे वन संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बनते हैं। यही कारण है कि तेंदूपत्ता संग्रहण पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा के संवर्धन में भी सहायक सिद्ध हो रहा है। बालाघाट जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण गतिविधि रोजगार, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास का एक सफल उदाहरण बनकर उभर रही है, जिससे हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और स्थायित्व आ रहा है। भानेश साकुरे / 18 मई 2026