रांची (ईएमएस)। झारखंड में बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। कोयला कंपनी में नौकरी लगाने के नाम पर शातिर गिरोह ने करीब दो सौ से ज्यादा लोगों को अपने जाल में फंसाया और लगभग बीस करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। इस पूरे नेटवर्क की खास बात यह रही कि ठगी का तरीका किसी नेटवर्क मार्केटिंग या मल्टी लेवल सिस्टम की तरह संचालित किया जा रहा था, जहां हर शिकार अनजाने में अगले शिकार को जोड़ने का जरिया बनता जा रहा था। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला कांग्रेस नेता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक उन्होंने अपने बेटों और रिश्तेदार को नौकरी दिलाने के नाम पर चौबीस लाख रुपये गंवा दिए। आरोप है कि उन्हें भरोसे में लेने के लिए पहले प्रभावशाली लोगों के नाम बताए गए, फिर पहले से नौकरी लगने के दावे किए गए और आखिर में फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर विश्वास जीत लिया गया। गिरोह ने इतना मजबूत जाल बिछाया था कि पीड़ितों से चेक लेकर फोटो तक खिंचवाई गई, ताकि भरोसा और मजबूत हो सके। बाद में तकनीकी कारण बताकर रकम सीधे एक निजी कंपनी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाई गई। रकम जमा होने के बाद बांड पेपर और हस्ताक्षरों के जरिए पूरे खेल को वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क कई जिलों तक फैला हुआ था और बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर करोड़ों रुपये वसूले गए। पुलिस अब बैंक खातों, दस्तावेजों और पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़कर मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। यह मामला बेरोजगारी की मजबूरी का फायदा उठाकर किए गए सबसे बड़े नौकरी घोटालों में से एक माना जा रहा है। सुबोध/१८-०५-२०२६