नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की जांच एजेंसियों ने संगठित अपराध, ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। प्रवर्तन निदेशालय ने कुख्यात अंडरवर्ल्ड सरगना इकबाल मिर्ची और उसके परिवार से जुड़ी सात सौ करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून के तहत की गई है। जांच एजेंसी ने देश की आर्थिक राजधानी के समुद्री इलाके में स्थित तीन बेहद कीमती संपत्तियों को अपने कब्जे में लिया है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब चार सौ सत्तानवे करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा खाड़ी देश में मौजूद दो सौ करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी संपत्तियों को भी अटैच किया गया है। जांच में सामने आया है कि अपराध से अर्जित काली कमाई को देश और विदेश में रियल एस्टेट में निवेश कर सफेद किया गया। एजेंसी के मुताबिक कई संपत्तियां ट्रस्ट और कंपनियों के नाम पर दिखाई गईं, लेकिन वास्तविक नियंत्रण आरोपी परिवार के पास ही था। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि उन्नीस सौ छियासी में बेहद कम कीमत पर खरीदी गई प्राइम संपत्तियों का बाजार मूल्य आज सैकड़ों करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। एजेंसी का आरोप है कि संपत्तियों को बचाने के लिए अदालत में भ्रामक जानकारी दी गई और महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए गए। विदेशों में होटल, अपार्टमेंट और कॉर्पोरेट टावरों में कई रियल एस्टेट यूनिट खरीदे जाने के सबूत भी जांच एजेंसी को मिले हैं। विशेष अदालत पहले ही परिवार के कई सदस्यों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर चुकी है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। सुबोध/१८-०५-२०२६