नई दिल्ली (ईएमएस)। हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग किडनी जब सही तरीके से काम नहीं करती, तो इसका असर पूरे शरीर पर दिखाई देने लगता है। शरीर में सूजन, कमजोरी, थकान और पेशाब से जुड़ी परेशानियां धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं। किडनी हमारे शरीर के खून को साफ करने, शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने और पानी का संतुलन बनाए रखने का काम करती है। ऐसे में आयुष मंत्रालय नियमित योग को लाभकारी मानता है। योगासन में धनुरासन को शरीर के कई अंगों के लिए फायदेमंद बताया गया है। आयुष मंत्रालय के अनुसार धनुरासन शरीर को लचीला बनाने के साथ-साथ पेट, रीढ़, फेफड़ों और किडनी को भी लाभ पहुंचाता है। इस आसन में शरीर की आकृति धनुष जैसी बन जाती है। जब व्यक्ति इस योगासन का अभ्यास करता है, तो पेट और कमर के आसपास हल्का दबाव और खिंचाव पैदा होता है, जो अंदरूनी अंगों को सक्रिय करने में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि धनुरासन करते समय शरीर पीछे की ओर झुकता है, जिससे पीठ और पेट के बीच मौजूद अंगों में रक्त संचार बेहतर होने लगता है। किडनी तक पर्याप्त मात्रा में खून पहुंचने से उसे अधिक ऑक्सीजन और जरूरी पोषण मिलता है। इससे किडनी की कार्यप्रणाली बेहतर बनी रहने में सहायता मिल सकती है। धनुरासन मानसिक तनाव कम करने में भी मददगार माना जाता है। तनाव का सीधा असर शरीर के हार्मोन और ब्लड प्रेशर पर पड़ता है, जिसका प्रभाव किडनी पर भी देखा जा सकता है। नियमित रूप से इस आसन का अभ्यास करने से मन शांत रहता है और शरीर के अंदरूनी अंगों पर पड़ने वाला दबाव कम हो सकता है। यह योगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में भी सहायक है। लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों में पीठ और कमर की अकड़न आम समस्या बन जाती है। धनुरासन इन परेशानियों को कम करने में मदद करता है और शरीर की लचक बढ़ाता है। साथ ही यह फेफड़ों की क्षमता सुधारने और सांस लेने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में भी उपयोगी माना जाता है। धनुरासन पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी माना जाता है। पेट की मांसपेशियों में खिंचाव आने से पाचन क्रिया सक्रिय होती है और कब्ज व अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। यह शरीर में ऊर्जा बढ़ाने में भी मदद करता है। सुदामा/ईएमएस 19 मई 2026