19-May-2026
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- दिनेश रामदीन ने मैदान पर ऐसे दिया था करारा जवाब नई दिल्ली (ईएमएस)। क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों के बीच नोकझोंक, स्लेजिंग और जवाबी बयानबाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन कभी-कभी कुछ घटनाएं ऐसी हो जाती हैं जो वर्षों बाद भी चर्चा में बनी रहती हैं। इंडियन प्रीमियर लीग में हाल के वर्षों में खिलाड़ियों द्वारा जेब से पर्ची निकालकर जश्न मनाने की घटनाएं खूब सुर्खियों में रही हैं। अभिषेक शर्मा के बाद उर्विल पटेल, रघु और आकाश सिंह भी इस तरह की चर्चा का हिस्सा बने। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट में ऐसा ‘पर्ची कांड’ कई साल पहले ही हो चुका था, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था। यह घटना साल 2012 में इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच एजबेस्टन टेस्ट मैच के दौरान हुई थी। वेस्टइंडीज के विकेटकीपर-बल्लेबाज दिनेश रामदीन उस समय खराब फॉर्म से जूझ रहे थे। उनकी बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे। वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज सर विवियन रिचर्ड्स ने भी सार्वजनिक रूप से रामदीन के प्रदर्शन की आलोचना की थी। विवियन रिचर्ड्स ने कहा था कि रामदीन का खेल पहले जैसा नहीं रहा और वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। यह बयान रामदीन को काफी चुभ गया और उन्होंने इसका जवाब मैदान पर देने का फैसला किया। एजबेस्टन टेस्ट के चौथे दिन दिनेश रामदीन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने करियर का दूसरा टेस्ट शतक लगाया। उन्होंने 107 रनों की बेहतरीन पारी खेली और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। शतक पूरा करने के बाद रामदीन ने ऐसा कदम उठाया, जिसने क्रिकेट इतिहास में अलग पहचान बना ली। उन्होंने अपनी जेब से पहले से तैयार एक सफेद पर्ची निकाली और कैमरों की ओर दिखाने लगे। उस पर्ची पर बड़े अक्षरों में लिखा था, “ये विव, अब बोलो ना।” यह सीधा जवाब सर विवियन रिचर्ड्स की आलोचना को माना गया। खास बात यह रही कि उस समय विवियन रिचर्ड्स कमेंट्री बॉक्स में मौजूद थे और पूरा घटनाक्रम देख रहे थे। हालांकि रामदीन ने बल्ले से आलोचकों को जवाब जरूर दे दिया, लेकिन मैदान पर इस तरह का व्यवहार खेल भावना के खिलाफ माना गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए रामदीन पर कार्रवाई की। मैच रेफरी रोशन महानामा ने इसे खेल भावना के विपरीत आचरण माना और उनकी मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माने के तौर पर काट लिया। बाद में दिनेश रामदीन ने खुद स्वीकार किया कि वह उस समय बेहद भावुक हो गए थे और उन्हें क्रिकेट के इतने बड़े दिग्गज के प्रति ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए था। गिरजा/ईएमएस 19 मई 2026