- तीन दिन की हड़ताल के बाद बनी सहमति रायपुर (ईएमएस)। राजधानी रायपुर में पिछले तीन दिनों से ठप पड़ा डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन मंगलवार से फिर शुरू हो गया। रामकी ग्रुप के कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने के बाद सफाई व्यवस्था बहाल की गई। हालांकि सुबह के समय कर्मचारियों और कंपनी प्रबंधन के बीच विवाद की स्थिति भी बनी, जिसके चलते कुछ देर तक अनिश्चितता रही। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 5 बजे जब सफाईकर्मी काम पर लौटे तो कंपनी प्रबंधन ने उन्हें ड्यूटी पर रखने से इनकार कर दिया। इस पर मौके पर कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच तनाव और बहस की स्थिति बन गई। बाद में लंबी बातचीत के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी और कचरा कलेक्शन कार्य दोबारा शुरू कराया गया। कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले लगभग 8 वर्षों से उनके वेतन भुगतान में अनियमितता की जा रही है। उनका कहना है कि कंपनी को प्रति सफाईकर्मी 9,750 रुपये का भुगतान किया जाता है, लेकिन उन्हें केवल 7 से 8 हजार रुपये ही दिए जाते हैं। इसी कारण वेतन में अंतर और पारदर्शिता को लेकर कर्मचारियों ने विरोध जताया है। कर्मचारियों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतंत्र कमेटी गठित की जाए। उनका कहना है कि जब तक जांच नहीं होगी और स्पष्ट समाधान नहीं निकलेगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले मंगलवार को कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों के साथ बैठक भी की थी, जिसके बाद काम पर लौटने को लेकर सहमति बनी। रामकी ग्रुप से जुड़े प्रबंधन का कहना है कि नगर निगम रायपुर द्वारा मार्च 2025 से अब तक लगभग 78 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है। कंपनी के अनुसार, निगम से आंशिक भुगतान ही मिल रहा है, जबकि डीजल, वाहनों के रखरखाव और कर्मचारियों के वेतन पर लगातार खर्च बढ़ रहा है। कंपनी का दावा है कि वित्तीय दबाव के कारण संचालन प्रभावित हो रहा है। इसी बीच कचरा गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों ने भी वेतन वृद्धि और समय पर भुगतान की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याएं उठाई जा रही हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। हड़ताल के चलते पिछले तीन दिनों तक डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन पूरी तरह प्रभावित रहा, जिससे शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लग गए थे। स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की थी। स्थिति उस समय और अधिक चर्चाओं में आ गई जब इसी अवधि में केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण टीम के दौरे की संभावना भी सामने आई। इसे देखते हुए नगर निगम पर सफाई व्यवस्था शीघ्र दुरुस्त करने का दबाव और बढ़ गया था। फिलहाल काम दोबारा शुरू हो गया है, लेकिन कर्मचारियों की वेतन संबंधी मांगों और भुगतान विवाद को लेकर स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं मानी जा रही है। - (ईएमएस) 19 मई 2026