क्षेत्रीय
19-May-2026
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कोंडागांव(ईएमएस)। जिले की फरसगांव पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश से जुड़े 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो पिछले तीन महीनों से फरार चल रहे थे। यह गिरोह फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए लोगों से लाखों रुपये की ठगी करता था। मामले में फरसगांव निवासी शंकरलाल राणा से करीब 29.69 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई थी। शिकायत के बाद थाना फरसगांव में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देशन और एसडीओपी अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई, जिसने करीब 10 दिनों तक दिल्ली में रहकर इस गिरोह की गतिविधियों पर निगरानी रखी और कार्रवाई को अंजाम दिया। जांच में सामने आया है कि आरोपी खुद को कथित तौर पर बीमा लोकपाल परिषद का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। वे पीड़ितों को यह झांसा देते थे कि उनका बीमा या बीएसई स्टॉक एक्सचेंज में फंड या राशि फंसी हुई है, जिसे निकालने के लिए प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। इसी बहाने वे लोगों से बड़ी रकम वसूल लेते थे। पुलिस के अनुसार यह गिरोह संगठित तरीके से काम करता था और अलग-अलग राज्यों में लोगों को निशाना बनाता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी दिल्ली के स्लम इलाकों में रहने वाले गरीब लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे, जिन्हें म्यूल अकाउंट के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी और बाद में उसे अलग-अलग माध्यमों से निकाल लिया जाता था। आरोपी फर्जी सिम कार्ड और कीपैड मोबाइल का उपयोग करते थे ताकि पुलिस की निगरानी से बच सकें। कई बार आधार कार्ड में पता और मोबाइल नंबर बदलकर भी खातों का संचालन किया जाता था। पुलिस ने जिन 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें इसरार अहमद (संगम विहार, दिल्ली), आकिल (बरेली, उत्तर प्रदेश/हाल संगम विहार दिल्ली), शिवम गुप्ता (संगम विहार, दिल्ली), नितिन कुमार त्यागी (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश), रजा हुसैन (नई दिल्ली), तरुण कौशिक (रोहतास नगर, दिल्ली) और प्रदीप बघेल (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। मुख्य आरोपी रजा हुसैन पहले भी साइबर अपराध के मामलों में जेल जा चुका है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)19 मई 2026