चेन्नई,(ईएमएस)। सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) सरकार गुरुवार को अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार कर सकती है। यह कदम एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संतुलन साधने, गठबंधन सहयोगियों की अपेक्षाओं को पूरा करने, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने और पार्टी के आंतरिक समीकरणों को समायोजित करने के मकसद से उठाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, गुरुवार सुबह संभावित शपथ ग्रहण समारोह से पहले मंत्रियों की अंतिम सूची को लेकर गहन विचार-विमर्श का दौर पूरा होगा। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, जो वर्तमान में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं, बुधवार शाम चेन्नई पहुंचने वाले हैं और इस विस्तार से जुड़ी औपचारिकताओं की देखरेख करने वाले है। सत्ताधारी गुट के सूत्रों ने बताया कि सरकार विस्तारित मंत्रिमंडल में अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस को भी जगह दे सकती है। कांग्रेस के दो विधायक मंत्री पद के प्रबल दावेदार के रूप में सामने आए हैं। सी.वी. शनमुगम और एस.पी. वेलुमणि के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके गुट के सदस्यों को कैबिनेट में शामिल किए जाने की अटकलों पर विराम लगा है। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन सहयोगियों जैसे कांग्रेस, वामपंथी दलों और विदुथलाई चिरुथाइगल काची के कड़े विरोध के बाद विजय ने इस कदम से पीछे हटने का फैसला किया है। एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि एआईएडीएमके विधायकों को कैबिनेट में शामिल करने पर कभी कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई थी, और विधानसभा में उनका समर्थन केवल राजनीतिक समर्थन था। विजय सरकार के करीबी सूत्रों ने बताया कि कानूनी सलाहकारों और गठबंधन सहयोगियों ने इसतरह के राजनीतिक रूप से संवेदनशील फैसलों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी थी, ताकि सरकार के कार्यकाल की शुरुआत में ही अस्थिरता से बचा जा सके। इस बीच, टीवीके के भीतर भी कैबिनेट में जगह पाने के लिए जोरदार लॉबिंग शुरू हो गई है, जिसमें पहली बार विधायक बने कई सदस्य और पार्टी के प्रभावशाली पदाधिकारी शामिल हैं। यह विस्तार उच्च शिक्षा, राजस्व, परिवहन और समाज कल्याण सहित 20 से अधिक प्रमुख सरकारी विभागों में मंत्रियों की कमी को भी दूर करेगा। कृषि, आवास और शहरी विकास, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, श्रम कल्याण, मत्स्य पालन और पर्यावरण जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण विभाग अभी भी औपचारिक रूप से नियुक्त मंत्रियों के बिना हैं। सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि कुछ विभाग फिलहाल मौजूदा मंत्रियों की अनौपचारिक देखरेख में काम कर रहे हैं, जहां अधिकारी औपचारिक बंटवारे से पहले ही फाइलों की समीक्षा और आवश्यक चर्चाएं कर रहे हैं। आशीष दुबे / 20 मई 2026