राष्ट्रीय
20-May-2026


कोलकाता,(ईएमएस)। तृणमूल कांग्रेस सांसद और युवा शाखा प्रमुख सायनी घोष ने ममता के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी से कथित तौर पर जुड़ी कोलकाता की संपत्ति के संयुक्त स्वामित्व के आरोपों को फर्जी खबर बता दिया है। उन्होंने इन दावों को उन्हें बदनाम करने की कोशिश करार देकर फर्जी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। टीएमसी नेता सियानी ने पोस्ट में 19 डी सेवन टैंक्स रोड, कोलकाता 700030 स्थित संपत्ति से जुड़े आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि उनकी वित्तीय जानकारी उनके चुनावी हलफनामे के माध्यम से पहले ही सार्वजनिक हो चुकी है। घोष ने लिखा, मेरी संपत्ति मेरे चुनावी हलफनामे में घोषित है। रिकॉर्ड देख सकते है। जो लोग बिना किसी सबूत के मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, अभी रुक जाएं! कृपया जान लें, इस बात को मैं ऐसा ही नहीं जाने दूंगी। फर्जी खबर फैलाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घोष डरने वाली नहीं है। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की एक पंक्ति के साथ पोस्ट समाप्त किया, जहां मन भयमुक्त हो और सिर ऊंचा हो। बंगाली अभिनेत्री से राजनेता बनीं घोष ने कहा कि वह बिना सबूत के उन्हें बदनाम करने की कोशिश करने वालों को गंभीरता से लेंगी। इस बीच, एक अलग घटनाक्रम में, उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद नगर पालिका के अध्यक्ष प्रदीप दीक्षित का एक कथित वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में उन्हें तृणमूल कांग्रेस सांसद सायनी घोष का सिर कलम करने वाले को 1 करोड़ रुपये का इनाम घोषित करते हुए देखा जा रहा है। हालांकि, दीक्षित ने बाद में जारी एक बयान में इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि वीडियो को उनकी छवि खराब करने के लिए छेड़छाड़ किया गया है। यह इनाम कथित तौर पर हिंदू समूहों द्वारा आयोजित एक विरोध प्रदर्शन के दौरान घोषित किया गया था, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। आशीष दुबे / 20 मई 2026