- बाद में धमकाने वाले भाजपा नेता ने खेद जताया सिकंदराबाद(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल से टीएमसी सांसद सायोनी घोष का सिर कलम करने वाले को एक करोड़ रुपये का इनाम देने की घोषणा करने वाले उत्तर प्रदेश के भाजपा नेता और सिकंदराबाद नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. प्रदीप दीक्षित अब अपने बयान से बैकफुट पर आ गए हैं। सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो वायरल होने और चौतरफा घिरने के बाद उन्होंने बुधवार शाम एक नया वीडियो जारी कर अपने बयान पर खेद व्यक्त किया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बुलंदशहर के सिकंदराबाद में करीब पांच दिन पहले आयोजित एक धर्म ध्वज यात्रा के दौरान डॉ. प्रदीप दीक्षित ने यह भड़काऊ बयान दिया था। वीडियो सामने आने के बाद राजनीति गर्मा गई। टीएमसी सांसद सायोनी घोष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया। उन्होंने इसे एक महिला जनप्रतिनिधि को दी गई खुली धमकी करार दिया। सायोनी घोष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नितिन गडकरी को टैग करते हुए स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल और कोलकाता पुलिस से इस मामले में तत्काल कड़ी कार्रवाई की अपील करते हुए कहा कि वह ऐसी धमकियों से डरने वाली नहीं हैं और लोकतंत्र में अपनी आवाज उठाती रहेंगी। दरअसल, यह पूरा विवाद साल 2015 की एक पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट (शिवलिंग पर कथित कार्टून) से जुड़ा है। सायोनी घोष ने इस पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि वह पोस्ट उन्होंने नहीं की थी और उस समय वह महज 22 वर्ष की थीं। वह इस विषय पर पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुकी हैं और सभी धर्मों का सम्मान करती हैं। भाजपा नेता ने दी सफाई सांसद सायोनी घोष के कड़े रुख और पुलिस कार्रवाई की मांग के बाद भाजपा नेता डॉ. प्रदीप दीक्षित ने बैकफुट पर आते हुए बुधवार शाम एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि सायोनी घोष उस पुरानी विवादित तस्वीर को लेकर पहले ही खेद जता चुकी हैं। उन्होंने कहा कि वह किसी भी तरह की हिंसा के समर्थक नहीं हैं। उन्होंने अपने बयान पर खेद जताते हुए लोगों से अपील की कि न तो किसी को हिंसा की बात करने का अधिकार है और न ही किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का। वीरेंद्र/ईएमएस/21मई 2026