राष्ट्रीय
21-May-2026
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शुभेंदु सरकार ने जारी किए आदेश कोलकाता(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के सभी मदरसों में ‘वंदे मातरम्’गाना अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में मदरसा शिक्षा निदेशालय की तरफ से आदेश जारी कर दिया गया है। जारी किए गए आधिकारिक आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि पहले के सभी निर्देशों और प्रथाओं को निरस्त करते हुए अब राज्य के मदरसों में दैनिक कक्षाएं शुरू होने से पहले होने वाली सुबह की प्रार्थना में ‘वंदे मातरम्’गाना बेहद जरूरी होगा। यह नया नियम राज्य के सभी सरकारी मॉडल मदरसों (इंग्लिश मीडियम), मान्यता प्राप्त सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों, अप्रूव्ड एमएसके, अप्रूव्ड एसएसके और मान्यता प्राप्त गैर-सहायता प्राप्त मदरसों पर समान रूप से लागू होगा। सरकार ने निर्देश दिया है कि इस आदेश को तत्काल प्रभाव से पूरे राज्य में सख्ती से लागू किया जाए। मदरसा शिक्षा निदेशक की तरफ से इस आदेश की प्रतिलिपि सभी जिलाधिकारियों, जिला शिक्षा अधिकारियों, पश्चिम बंगाल बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन और अन्य संबंधित विभागों को अनुपालन के लिए भेज दी गई है। आदेश में बताया गया है कि इसे सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बाद ही जारी किया गया है। पश्चिम बंगाल सरकार का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब हाल ही में केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रगान जन गण मन के बराबर का दर्जा देने का एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इस फैसले का मुख्य उद्देश्य वंदे मातरम् को भी उसी कानूनी दायरे में लाना है, जिसके तहत अभी राष्ट्रगान को सुरक्षा और सम्मान मिला हुआ है। इस नए प्रस्तावित संशोधन के लागू होने के बाद, देश में वंदे मातरम गाए जाने के दौरान किसी भी तरह का अपमान करना या उसमें बाधा डालना एक संज्ञेय अपराध की श्रेणी में माना जाएगा। मौजूदा कानूनी नियमों के तहत, यदि कोई व्यक्ति जान-बूझकर राष्ट्रगान गाने से रोकता है या उसमें किसी प्रकार का व्यवधान पैदा करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों भुगतने पड़ सकते हैं। वहीं, बार-बार इस अपराध को दोहराने वालों के लिए कम से कम एक साल की अनिवार्य जेल का प्रावधान है। अब यही कड़े कानूनी प्रावधान और सजा वंदे मातरम् के अपमान पर भी लागू होंगे। वीरेंद्र/ईएमएस/21मई 2026