24 घंटे चिकित्सकों की निगरानी में रहेंगे जबलपुर, (ईएमएस)। जबलपुर के डुमना रोड स्थित ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में चल रहे नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) कैंप से आज दूसरे दिन शुक्रवार को भी तबीयत खराब होने पर तीन और बच्चों को विक्टोरिया अस्पताल पहुंचाया गया है। इस तरह कल गुरुवार रात से अब तक अस्पताल पहुंचने वाले बच्चों का आंकड़ा बढ़कर 34 हो गया है। बहरहाल चिकित्सकों की निगरानी में बच्चों की ईसीजी जांच भी कराई गई है। फिलहाल चिकित्सकों का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते एनसीसी कैडेट हीट स्टोक का शिकार हो गए हैं। इस वजह से उन्हें सिर में दर्द और उल्टियां होने लगी थीं। सभी बच्चों को 24 घंटे के लिए चिकित्सकों की निगरानी में रख गया है। गौरतलब हो कि ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में चल रहे एनसीसी कैंप में गुरूवार की रात कैडेट्स की खाना खाने के बाद अचानक तबीयत बिगड़ गई। सभी बच्चे सिर दर्द से पीड़ित थे और उल्टियां कर रहे थे। जिसके बाद आनन-फानन 31 बच्चों को उपचार के लिए जिला अस्पताल विक्टोरिया पहुंचाया गया। बताया जाता है कि एमपी आर्ड स्क्वाड्रन एनसीसी द्वारा 14 मई से ट्रिपल आईटीडीएम परिसर में 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। शिविर में जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, छिंदवाड़ा, तेंदूखेड़ा, कटंगी और नुनसर सहित कई इलाकों से करीब 450 कैडेट्स शामिल हुए हैं। आरोपित है कि 43 डिग्री तापमान और भीषण लू के बावजूद लगातार प्रशिक्षण जारी रखा गया, जिससे बड़ी संख्या में बच्चे प्रभावित हैं। सीएमएचओ डॉ. नवीन कोठारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज अस्पताल से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम विक्टोरिया अपस्ताल पहुंची है। एनसीसी कैंप से आए सभी बच्चे उनकी निगरानी में हैं। कुछ बच्चों की स्थिति अब सामान्य है, लेकिन मेडिकल से आए चिकित्सकों की राय पर उन्हें अगले 24 घंटे के लिए निगरानी में रखा गया है। फूड पॉइजनिंग की आशंका पर सीएमएचओ ने बताया कि सेंपल लिए गए हैं, जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। प्रारंभिक तौर पर तो बच्चों के बीमार होने के पीछे हीट स्टोक ही मुख्य वजह समझ आ रही है। अजय पाठक / मोनिका / 22 मई 2026 / 02.57