नई दिल्ली,(ईएमएस)। देश की राजधानी दिल्ली में ऑटो-टैक्सी हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को शहर के निवासियों को महंगाई और आवागमन दोनों मोर्चों पर दोहरा झटका लगा। 3 दिवसीय हड़ताल के कारण सब्जियों की कीमतें दोगुनी हो गईं, वहीं यात्रियों को भी गंतव्यों तक पहुंचने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। दिल्ली की सबसे बड़ी थोक मंडी, आजादपुर मंडी में सब्जियों की आवक में भारी कमी दर्ज की गई। आपूर्ति बाधित होने के कारण धनिया जैसी हरी सब्जियों की कीमत 40 से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है, जबकि अदरक भी 100 से बढ़कर 120-130 रुपये प्रति किलोग्राम तक बिक रहा है। मंडियों में केवल एक या दो दिन का ही स्टॉक बचा है, जिससे आने वाले दिनों में सब्जियों की किल्लत और बढ़ने की आशंका है। दिल्ली की जरूरतों को पूरा करने के लिए केवल 20 ट्रक ही मंडी में पहुँच पाए। सब्जियों के दाम बढ़ने के अलावा, हड़ताल का असर यात्रियों पर भी पड़ा। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, आनंद विहार और मंडी हाउस मेट्रो जैसे व्यस्त स्थानों पर लोगों को यात्रा करने में परेशानी हुई। ट्रांसपोर्ट और टैक्सी यूनियनों ने दिल्ली सरकार के कमर्शियल वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति सेस बढ़ाने और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों के विरोध में यह हड़ताल गुरुवार को शुरू की, जो 23 मई तक चलेगी। यूनियनों ने ईंधन की कीमतों के मद्देनजर टैक्सी और ऑटो के किराए में बढ़ोतरी की भी मांग की है। चालक शक्ति यूनियन के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने बताया कि सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम-वर्गीय चालक अपने परिवारों का भरण-पोषण करने में संघर्ष कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह हड़ताल कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (सीएक्यूएम), अदालतों और दिल्ली सरकार द्वारा परिवहन क्षेत्र पर थोपी गई अन्यायपूर्ण और अनुचित नीतियों के खिलाफ है। आशीष दुबे / 22 मई 2026