23-May-2026
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रायपुर(ईएमएस)। शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। शहर के विभिन्न मार्गों पर संचालित सिटी बसों की स्थिति का हाल ही में किए गए निरीक्षण में ऐसा चित्र सामने आया, जिसने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर चिंता बढ़ा दी है। बसों के रखरखाव, आवश्यक सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और यात्री सुविधाओं में कई कमियां पाए जाने के बाद संबंधित एजेंसियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं। जिला शहरी सार्वजनिक सेवा सोसाइटी की टीम ने शहर के प्रमुख क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान रायपुर रेलवे स्टेशन, शहीद स्मारक भवन और विभिन्न बस मार्गों पर संचालित सिटी बसों की स्थिति का जायजा लिया गया। जांच के दौरान रायपुर-खरोरा, रायपुर-खैरखुंट, रायपुर-चंद्रखुरी और रायपुर-मानसोज रूट पर चल रही कई बसों को बारीकी से जांचा गया। निरीक्षण में सामने आया कि अधिकांश बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद नहीं थे। प्राथमिक उपचार की यह सुविधा किसी भी सार्वजनिक वाहन में अनिवार्य मानी जाती है, क्योंकि दुर्घटना या अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या की स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक होता है। ऐसे में फर्स्ट एड बॉक्स की अनुपस्थिति को गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। इसके अलावा कई बसों की सीटें क्षतिग्रस्त और फटी हुई पाई गईं। यात्रियों ने भी लंबे समय से बसों की खराब स्थिति को लेकर शिकायतें की थीं। सीटों की स्थिति खराब होने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों, विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि निरीक्षण के दौरान कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए। अधिकारियों ने बताया कि सभी बसों में अग्निशामक यंत्र उपलब्ध पाए गए और उनकी कार्य स्थिति भी संतोषजनक रही। साथ ही बसों के ब्रेक सिस्टम और हेडलाइट की भी जांच की गई, जो सामान्य रूप से काम करते मिले। रात के समय दृश्यता बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त लाइटें भी लगाई गई हैं। निरीक्षण टीम ने यह भी पाया कि कुछ बसों को खड़ा करने के दौरान सुरक्षा उपायों के तहत पत्थरों का उपयोग किया जा रहा था। हालांकि इस व्यवस्था को स्थायी और सुरक्षित विकल्प नहीं माना जा रहा है। अधिकारियों ने इस पर भी सुधार की आवश्यकता जताई है। जिला शहरी सार्वजनिक सेवा सोसाइटी ने अनुबंधित फर्म को तत्काल पत्र जारी कर सभी खामियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बसों का नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। यदि तय समय के भीतर सुधार कार्य नहीं किया गया तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। सार्वजनिक परिवहन लाखों लोगों की दैनिक जरूरतों से जुड़ा विषय है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और भरोसे को बनाए रखने के लिए बसों की गुणवत्ता और रखरखाव पर लगातार निगरानी जरूरी मानी जा रही है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)23 मई 2026