राज्य
23-May-2026
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पटना, (ईएमएस)। जद (यू) के विधान पार्षद सह मुख्य प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार, प्रदेश प्रवक्ता परिमल कुमार, प्रदेश प्रवक्ता डॉ.अनुप्रिया यादव एवं मीडिया पैनलिस्ट महेश दास ने संयुक्त रुप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कभी क्राइम, करप्शन एवं कम्युनिलिज्म से समझौता नहीं किया। श्री निशांत कुमार ने भी इन तीनों मुद्दों पर किसी तरह के समझौते से इनकार करने की बात कही वहीं एनडीए सरकार के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी ट्रिपल सी से किसी तरह का समझौता नहीं करने का प्रण दोहराया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने जिनका साल 2019, 2020, 2024 एवं 2025 में पॉलिटिकल एनकाउंटर कर दिया वो आज बिहार में एनकाउंटर में जाति की बात कर रहे हैं, जो फर्जीवाड़ा है। 20 नवंबर के बाद हुए राज्य में कुल 22 पुलिस एनकाउंटर में पुलिस पर गोली चलाने वाले कुंदन ठाकुर, प्रियांशु दूबे, अभिजीत कुशवाहा, 50 हजार रुपए का इनामी नक्सली दयानंद मालाकार, रामधनी यादव एवं सोनू यादव भूमिहार, ब्राह्मण, कुशवाहा, माली एवं यादव जाति से संबंधित अपराधियों की मौत हुई। तेजस्वी यादव को दूसरी जातियों के मृत अपराधियों का भी जाति प्रमाण पत्र दिखाना चाहिए। ऐसे में तेजस्वी यादव का ये दावा करना कि इन एनकाउंटर में जाति विशेष के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, सरासर झूठ है। तेजस्वी यादवने सोशल मीडिया में अपराध से संबंधित 50 आंकड़े पोस्ट किया है जबकि हकीकत ये है कि इन 50 मामलों में से 19 मामलों का पता ही नहीं है। जिला बतायी गई घटना घटना ज्ञात नहीं जमुई 4 3 गया 3 2 किशनगंज 2 2 भोजपुर 2 1 सारण 2 2 दरभंगा 2 1 सहरसा 2 1 पटना 11 6 नवादा 2 1 कुल 19 तेजस्वी यादव से सवाल पूछते हुए उन्होंने कहा कि जिन घटनाओं का दावा उन्होंने किया है उसकी जानकारी और उसका विस्तृत विवरण जैसे किस थाने की घटना है एवं किस तिथि को वो घटना हुई है उसे 24 घंटे में उपलब्ध कराएं। बिहार में अपराध नियंत्रण में रहा हैऔर अपराधी की कोई जाति नहीं होती अगर कोई अपराधी को जाति के नजरिए से देखता है तो वो कानून से नहीं बचेंगे। बिहार में दारोगा राय,चंद्रिका राय, राम लखन सिंह यादव जैसे लोगों का जो गौरवशाली इतिहास रहा है उसे तेजस्वी यादव मिटाना चाहते हैं। दरअसल उस खास समुदाय का भरोसा तेजस्वी यादव से टूट गया है जिसका परिणाम इन्होंने पिछले कुछ चुनाव में देख लिया है इसलिए जाति के नाम पर तेजस्वी यादव विलाप कर रहे हैं। संतोष झा- २३ मई/२०२६/ईएमएस