राज्य
26-May-2026
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श्री परिसर के रहवासियों ने कॉलोनी सेल अधीक्षक को सौंपा विधिक पत्र जबलपुर (ईएमएस)। अमखेरा स्थित वार्ड क्रमांक 74 (ए.पी.जे. अब्दुल कलाम वार्ड) के अंतर्गत आने वाले श्री परिसर कॉलोनी फेस-1 एवं फेस-2 के सैकड़ों नागरिकों और विशाल मातृशक्ति का आक्रोश आज सड़कों पर फूट पड़ा। पिछले एक वर्ष से प्रशासनिक सुस्ती और क्षेत्रीय पार्षद की नाकामी झेल रहे प्रताड़ित रहवासियों ने आज एकजुट होकर उग्र प्रदर्शन करते हुए नगर पालिक निगम जबलपुर के कॉलोनी सेल अधीक्षक को सीधे तौर पर कानूनी धाराओं से सुसज्जित एक विधिक प्रतिनिधित्व एवं वैधानिक अंतिम मांग पत्र सौंपा। करोड़ों की जालसाजी.............. ज्ञापन सौंपने के दौरान नागरिकों ने विधिक साक्ष्यों के साथ अधिकारियों को बताया कि मुख्य कॉलोनाइजरों मुन्ना तैयुब, अमजद हुसैन राईन, धर्मेंद्र रैकवार एवं उनके संलिप्त एजेंट मुकेश कोरी के पास कॉलोनी काटने का कोई वैध कॉलोनाइजर लाइसेंस उपलब्ध नहीं है। इन भूमाफिया ने नगर तथा ग्राम निवेश (टीएनसीपी) के नियमों तथा रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा 22-क (म.प्र. राज्य संशोधन) के विधिक अधिदेश का घोर उल्लंघन करते हुए, क्रेताओं व पंजीयन विभाग से तथ्यों को छुपाकर अवैध रूप से रजिस्ट्रियां निष्पादित कराईं। पक्की सड़क, कंक्रीट नाली और स्थाई बिजली देने का झूठा वादा कर मध्यमवर्गीय नागरिकों से करोड़ों रुपये ऐंठ लिए गए और आज जनता को नारकीय जीवन जीने के लिए बेसहारा छोड़ दिया गया है। प्रशासनिक शून्यता और सुरक्षा पर संकट........... रहवासियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि वे वर्ष 2015 से निरंतर नगर निगम को संपत्ति कर और जल कर दे रहे हैं। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (मुख्यपीठ जबलपुर) द्वारा प्रतिपादित विधि सिद्धांतों के अनुसार, टैक्स वसूलने के बाद नगर निगम बुनियादी सुविधाएं देने से इनकार नहीं कर सकता। कॉलोनी में स्ट्रीट लाइट न होने के कारण रात में छाने वाले घने अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों और शराबी नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे क्षेत्र की महिलाओं, बच्चियों और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा अत्यंत गंभीर खतरे में है। साथ ही, म.प्र. शासन ऊर्जा विभाग की सुगम विद्युत सुविधा योजना 2024 के राजपत्रित आदेश के बावजूद नागरिकों से भारी भरकम अस्थाई (टीसी) बिल वसूल कर आर्थिक शोषण किया जा रहा है। 7 दिन का अल्टीमेटम............ कॉलोनी सेल अधीक्षक को सौंपे गए इस वैधानिक ज्ञापन के माध्यम से शासन-प्रशासन को स्पष्ट 07 दिवस की समय-सीमा (अल्टीमेटम) दी गई है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में बिना लाइसेंस वाले इन दोषी कॉलोनाइजरों पर नगर निगम अधिनियम की धारा 292-घ के तहत एफआईआर दर्ज नहीं कराई जाती और सड़क, नाली व स्ट्रीट लाइट की प्रशासनिक स्वीकृति जारी नहीं होती, तो 500 से अधिक घरों की जनता नगर निगम मुख्यालय का अनिश्चितकालीन घेराव और उग्र जन-आंदोलन करने पर विवश होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मौजूद रही मातृशक्ति........... आज के इस निर्णायक और ऐतिहासिक प्रदर्शन में मुख्य रूप से सुनील तिवारी, दीपक सोनी, रोहित प्रकाश दत्त, संजीव सोनी, अनुपमा ठाकुर, दुर्गा गुप्ता, आरती अग्रवाल, संगीता विश्वकर्मा, प्रतिभा ठाकुर, शीला मेहता, वर्षा सोनी, स्वाति स्वर्णकार, कंचन कोष्टा, दीक्षा कोष्टा, ऋचा शुक्ला, प्रीति वैद्य, रूमी शेख, मल्लिका सोनकर, ममता बर्मन, रानी साहू आदि उपस्थित रहे। सुनील साहू / मोनिका / 26 मई 2026/ 05.15