लखनऊ (ईएमएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। किसानों को सरकारी योजनाओं का पारदर्शी और त्वरित लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में अब तक 2.28 करोड़ से अधिक किसानों का पंजीकरण किया जा चुका है। यह केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य का 79.10 प्रतिशत है। प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की शुरुआत 5 नवंबर 2024 से हुई थी। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 2,88,70,495 किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में 2,28,36,658 किसानों का नामांकन पूरा हो चुका है, जबकि करीब 60 लाख किसानों का पंजीकरण अभी शेष है। अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा रफ्तार के आधार पर किसानों की डिजिटल आईडी निर्माण प्रक्रिया 20 अगस्त 2026 तक पूरी होने का अनुमान है। योगी सरकार ने इस अभियान को मिशन मोड में चलाते हुए जिला प्रशासन, राजस्व विभाग और कृषि विभाग को तेजी से लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों का एकीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, जिससे उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान और ऋण जैसी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से मिल सके। प्रदेश सरकार केवल किसान पंजीकरण तक सीमित नहीं है, बल्कि भूमि रिकॉर्ड को भी पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने पर काम कर रही है। इसी क्रम में अंश निर्धारण का कार्य तेजी से चल रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में यह कार्य 87.19 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। इससे भूमि रिकॉर्ड की शुद्धता बढ़ेगी और भविष्य में विवादों में कमी आने की उम्मीद है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री से सरकार को वास्तविक किसानों की पहचान करने और योजनाओं की मॉनिटरिंग में बड़ी मदद मिलेगी। डिजिटल डाटाबेस तैयार होने से कृषि आधारित नीतियां अधिक प्रभावी बनेंगी और किसानों को सरकारी सहायता प्राप्त करने में भी आसानी होगी। जितेन्द्र 26 मई 2026