क्षेत्रीय
26-May-2026
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- सिंधिया की मांग पर मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा गुना (ईएमएस)। । शहर के बीचों-बीच बहने वाली ऐतिहासिक गुनिया नदी के जीर्णोद्धार और पुनर्जीवन को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद महज दो सप्ताह के भीतर गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय को 80 करोड़ 22 लाख रुपये की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर तकनीकी एवं वित्तीय स्वीकृति के लिए भेज दी है। उल्लेखनीय है कि बीते 10 मई 26 को गुना में अडानी गु्रप की सीमेंट फैक्ट्री के शिलान्यास के भव्य मौके पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से मुख्यमंत्री के समक्ष गुनिया नदी के जीर्णोद्धार का मुद्दा उठाते हुए इसके बजट की पुरजोर मांग की थी। जिस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना प्रवास के दौरान ही मंच से घोषणा की थी कि गुनिया नदी को नमामि गंगे और राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना के तहत जल शक्ति मंत्रालय को प्रस्ताव भेजकर पुनर्जीवित कराया जाएगा। इसी परिपालन में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट किशोर कुमार कन्याल द्वारा राष्ट्रीय नदी संरक्षण निदेशालय, नई दिल्ली को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत गुनिया नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और जल संवर्धन के लिए व्यापक संरचनात्मक व पर्यावरणीय कार्य किए जाएंगे। डीपीआर के अनुसार, मुख्य रूप से नदी के चैनल में सुधार, जलधारण क्षमता में वृद्धि, तटों का संरक्षण, वर्षा जल संचयन संरचनाएं, गेबियन वॉल, स्टॉप डैम व चेक डैम का निर्माण, जल स्रोतों का पुनर्भरण और नदी के दोनों किनारों पर हरित विकास (प्लांटेशन) के कार्य शामिल हैं। लगभग 80.22 करोड़ रुपये के इस भारी-भरकम प्रथम स्तरीय प्राक्कलन के धरातल पर उतरने से न केवल गुना शहर का पर्यावरण सुधरेगा, बल्कि भू-जल स्तर में अभूतपूर्व सुधार होगा। इसके साथ ही सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी और स्थानीय नागरिकों को बाढ़ व जलभराव जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलकर दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होगा। प्रशासन ने केंद्र सरकार से नमामि गंगे परियोजना के तहत इसे जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया है।- सीताराम नाटानी