अंतर्राष्ट्रीय
28-May-2026
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तेहरान (ईएमएस)। ईरान फिर अमेरिका के साथ संभावित युद्ध की तैयारी में जुटा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान को वाशिंगटन पर जरा भी भरोसा नहीं है और वह होर्मुज स्ट्रेट को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक हथियार मान रहा है। रिपोर्ट बताती है कि ईरानी अधिकारी तीन प्रमुख मोर्चों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं, सैन्य तैयारी को मजबूत करना, घरेलू समर्थन जुटाना और कूटनीतिक प्रयास जारी रखना। हालांकि बातचीत के रास्ते खुले रखे गए हैं, लेकिन ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) हाई अलर्ट पर हैं। ईरान का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट उसकी सबसे बड़ी सामरिक शक्ति है। दुनिया के एक बड़े हिस्से का तेल इस समुद्री मार्ग से गुजरता है, और इसकारण तेहरान अमेरिका और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने के एक शक्तिशाली हथियार के रूप में देखता है। ईरानी नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि किसी भी नए संघर्ष की स्थिति में अमेरिका के सैन्य ठिकाने, ऊर्जा संबंधी बुनियादी ढांचा और उससे जुड़े हित निशाने पर हो सकते हैं। कुछ दिनों पहले आईआरजीसी ने भी चेतावनी दी थी कि किसी भी नए अमेरिकी हमले का जवाब पहले से कहीं अधिक हिंसक होगा और इसका असर मध्य-पूर्व से बाहर तक महसूस किया जाएगा। इन बढ़ते तनाव और हमलों के बावजूद, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है। दोनों देश मध्यस्थों के माध्यम से किसी समझौते तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि फिलहाल किसी बड़े समझौते के संकेत नहीं दिख रहे हैं। इसके बावजूद, तेहरान के लोगों में यह उम्मीद बनी हुई है कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई आपसी समझ बन सकती है। इस आशा के चलते, इस सप्ताह ईरान की मुद्रा की कीमत में 5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, युद्ध, अमेरिकी दबाव और बंदरगाहों की नाकेबंदी के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। तेहरान के एक दुकानदार ने बताया कि बाजार में सामान की आपूर्ति को लेकर लगातार चिंताएं बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि कीमतें लगातार बदल रही हैं और कई इलेक्ट्रॉनिक सामान अब पहले की तरह आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। आशीष/ईएमएस 28 मई 2026