अंतर्राष्ट्रीय
28-May-2026
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अमेरिका ने देर रात ईरान पर फिर की एयरस्ट्राइक, कई ड्रोन मार गिराए - ट्रंप के सख्त तेवर: कहा- या तो अमेरिकी शर्तों पर समझौता होगा, या सैन्य बल से खत्म करेंगे मुद्दा - टूटने की कगार पर अस्थायी युद्धविराम होर्मुज (ईएमएस)। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अस्थायी युद्धविराम टूटने की कगार पर पहुँच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार रात ईरान के भीतर एक बार फिर बड़ा हवाई हमला किया। स्थानीय समयानुसार रात करीब डेढ़ बजे बंदर अब्बास शहर के पूर्वी हिस्से में तीन भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, इन धमाकों के सटीक स्थान और स्रोत की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई थी। अधिकारियों का मानना था कि बंदर अब्बास का यह सैन्य ठिकाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग में अमेरिकी सेना और व्यापारिक जहाजों की आवाजाही के लिए बड़ा खतरा बन रहा था। इस कार्रवाई के दौरान अमेरिकी सेना ने ईरान द्वारा छोड़े गए कई खतरनाक ड्रोनों को हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले की पुष्टि खुद ईरानी मीडिया ने भी की है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, धमाकों के तुरंत बाद ईरानी सेना की हवाई रक्षा प्रणाली सक्रिय हो गई और आसमान में जवाबी गोलाबारी की गई। ईरानी अधिकारियों ने फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच की बात कही है। पिछले अड़तालीस घंटों में अमेरिका की तरफ से ईरान पर यह दूसरा बड़ा हमला है। इससे पहले सोमवार को भी अमेरिकी केंद्रीय कमान ने दक्षिणी ईरान में मिसाइल ठिकानों और उन ईरानी सैन्य नावों को नष्ट किया था, जो समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही थीं। तब अमेरिकी सैन्य प्रवक्ताओं ने इस कार्रवाई को अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया था। दूसरी ओर, ईरान ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे युद्धविराम का सीधा उल्लंघन बताया है और चेतावनी दी है कि किसी भी आक्रामक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह सैन्य टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देशों के बीच तनाव को पूरी तरह समाप्त करने के लिए ओमान और कतर की मध्यस्थता से गुप्त राजनयिक बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर एक कड़ा और दीर्घकालिक समझौता करने के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं। अपनी कैबिनेट बैठक में ट्रंप ने साफ किया कि वे वर्तमान शांति प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि या तो समझौता अमेरिकी शर्तों पर होगा, अन्यथा सैन्य बल से इस मुद्दे को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। इसके साथ ही ट्रंप ने उन ईरानी दावों को भी खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि भविष्य में ईरान और ओमान मिलकर इस समुद्री मार्ग को नियंत्रित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग हर हाल में वैश्विक व्यापार के लिए खुला रहेगा। रामयश/ईएमएस 28 मई 2026