गांधीनगर (ईएमएस)| भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी नेता विनायक दामोदर सावरकर की 143वीं जयंती के अवसर पर गुजरात विधानसभा पोडियम परिसर में स्थापित उनके तैलचित्र पर गुजरात विधानसभा के सचिव चैतन्य पंड्या ने पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर समरस छात्रालय के विद्यार्थियों सहित गुजरात विधानसभा सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भी उपस्थित रहकर वीर सावरकर के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। क्रांतिवीर विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक जिले के भगुर गांव में हुआ था, जबकि 26 फरवरी 1966 को उनका निधन हुआ। पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद वे कानून की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड गए, जहां उन्होंने भारत की स्वतंत्रता के उद्देश्य से ‘फ्री इंडिया सोसायटी’ की स्थापना कर क्रांतिकारी गतिविधियों को नई गति दी। ब्रिटिश शासन के विरुद्ध षड्यंत्र के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर 50 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस दौरान उन्होंने अंडमान की सेल्युलर जेल और बाद में रत्नागिरी जेल में अमानवीय परिस्थितियों के बीच 14 वर्षों का कठिन कारावास भोगा। जेल से रिहा होने के बाद भी वर्ष 1937 से 1947 के बीच उन्होंने देश की अखंडता बनाए रखने और भारत को पूर्ण स्वतंत्रता दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए। सतीश/28 मई