28-May-2026
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- जिले भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ईदुल अजहा का पर्व - मुल्क की तरक्की के लिए मांगी दुआएं बालाघाट (ईएमएस). जिले में गुरुवार को ईदुल अजहा का पर्व पूरे उत्साह, आस्था और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। ईदगाह और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा कर लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी और देश में अमन-चैन व तरक्की की दुआएं मांगी। अल्लाह के नबी हजरत इब्राहिम और हजरत इस्माईल की याद में मनाया जाने वाला पवित्र पर्व ईदुल अजहा जिले भर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने पुलिस लाइन स्थित ईदगाह और वार्ड क्रमांक 10 रजा नगर स्थित मस्जिद-ए-आला हजरत (जामेआ नूरिया) मदरसे में विशेष नमाज अदा की। ईदगाह में मौलाना मोहम्मद समसिर हक एवं जामेआ नूरिया मदरसे में मौलाना आफताब ने नमाज अदा कराई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में रही रौनक ईदुल अजहा के मौके पर मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में सुबह से देर रात तक रौनक बनी रही। सुबह फज्र की नमाज के साथ पर्व की शुरुआत हुई और तय समयानुसार सुबह 7 बजे ईदगाह में सामूहिक नमाज अदा की गई। नमाज के बाद खुतबा और दुआओं का दौर चला, जिसमें देश में शांति, भाईचारे और तरक्की के लिए प्रार्थनाएं की गईं। मस्जिद-ए-आला हजरत में भी अदा की गई नमाज बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रजा नगर स्थित मस्जिद-ए-आला हजरत में भी सुबह 8 बजे विशेष नमाज अदा की गई। यहां नमाज के पश्चात लोगों ने सामूहिक रूप से दुआएं कर आपसी सौहार्द बनाए रखने का संदेश दिया। गरीबों की मदद को बताया असली ईद नमाज से पूर्व इमाम ने अपने बयान में गरीब, यतीम और बेसहारों की मदद को ईद का वास्तविक अर्थ बताया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों को खुशियों में शामिल करना ही इस पर्व का मुख्य उद्देश्य है और दिखावे से बचते हुए सच्चे मन से सेवा करना चाहिए। कुर्बानी की परंपरा निभाई गई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मुस्लिम समाज के लोगों ने नमाज के बाद अपनी हैसियत के अनुसार कुर्बानी पेश की। कुर्बानी के मांस को गरीबों, यतीमों, रिश्तेदारों और जरूरतमंदों में वितरित किया गया। यह सिलसिला आगामी दिनों तक जारी रहने की जानकारी मिली है। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम पर्व के दौरान प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। ईदगाह और शहर की प्रमुख मस्जिदों के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में भी पुलिस की लगातार निगरानी बनी रही। हर वर्ष की तरह इस बार भी ईदुल अजहा का पर्व जिले में शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। भानेश साकुरे / 28 मई 2026