28-May-2026
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- हरिधाम आश्रम में उमड़ा भक्तों का सैलाब, हनुमत महायज्ञ में दी जा रही आहुतियां इंदौर (ईएमएस)। हवा बंगला, कैट रोड स्थित हरिधाम आश्रम पर चल रही रामकथा में शुकदेवदास महाराज के सानिध्य में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। कथा के दौरान श्रीधाम वृंदावन के प्रख्यात कथाकार पं. श्रीराम प्रपन्नाचार्य महाराज ने भरत मिलाप एवं वनवास काल के प्रसंगों की भावपूर्ण व्याख्या की। उन्होंने कहा कि रामकथा उस गंगा की तरह है, जो 88 हजार वर्षों से भारतीय समाज को भक्ति, मर्यादा और संस्कृति की त्रिवेणी में स्नान करा रही है। गंगोत्री की गंगा भले ही मैली हो गई हो, लेकिन हमारे तुलसी की गंगा आज भी निर्मल है। विद्वान वक्ता ने इस बात पर जोर दिया कि रामायण और भागवत-गीता केवल ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने के मंत्र हैं। हमें नई पीढ़ी को केवल संपत्ति सौंपने की जगह संस्कार सौंपने पर ध्यान देना चाहिए। कथा में प्रतिदिन शहर सहित आसपास के 25 गांवों के श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वृंदावन से आए भजन गायकों की प्रस्तुतियों पर भक्त झूम उठे। कथा से पूर्व महापौर पुष्यमित्र भार्गव, न्यायमूर्ति एसके गुप्ता, न्यायाधीश अतुल सराफ, विष्णु बिंदल सहित अन्य प्रबुद्धजनों ने व्यास पीठ का पूजन किया। व्यवस्थाओं में स्वदेशी जागरण मंच के कार्यकर्ता सहयोग कर रहे हैं। - महायज्ञ में अब तक दी गईं 9.60 लाख आहुतियां आश्रम परिसर की यज्ञशाला में यज्ञाचार्य पं. ललित पाठक के निर्देशन में 51 विद्वानों द्वारा प्रतिदिन सुबह 8 से दोपहर 1:30 बजे तक हनुमत महायज्ञ आयोजित किया जा रहा है। महामंत्र कवन सो काज कठिन जग माहीं... से अब तक 11 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 9 लाख 60 हजार आहुतियां समर्पित की जा चुकी हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालु विश्व शांति एवं आत्मकल्याण के उद्देश्य से यज्ञ में शामिल हो रहे हैं। सुबह महायज्ञ और दोपहर में श्रीराम कथा के इस दिव्य अनुष्ठान से समूचा हरिधाम क्षेत्र मंगल ध्वनियों से गुंजायमान है। प्रकाश/28 मई 2026