राह में रोड़ा बना 160 साल पुराना ऐतिहासिक कानून वॉशिंगटन(ईएमएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजर अब अमेरिकी डॉलर पर है और वहां एक ऐसे नए प्रस्ताव को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हो गई हैं, जिसके तहत 250 डॉलर का एक नया नोट जारी किया जा सकता है। इस नए नोट की खास बात यह होगी कि इस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर छापी जा सकती है। हालांकि, इस योजना को धरातल पर उतारने की राह में अमेरिका का एक 160 साल पुराना कानून सबसे बड़ी दीवार बनकर खड़ा है। दरअसल, रिपब्लिकन सांसद जो विल्सन ने पिछले साल एक बिल पेश किया था, जिसमें अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट को ट्रंप की तस्वीर वाले 250 डॉलर के नोट छापने का निर्देश देने की बात कही गई थी। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी भी हाउस फाइनेंशियल सर्विसेज कमेटी के पास लंबित है, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की हालिया सक्रियता के कारण इस मुद्दे पर अचानक बहस दोबारा गरमा गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, अमेरिकी ट्रेजरर ब्रैंडन बीच और उनके वरिष्ठ सलाहकारों ने 250 डॉलर के नोट के शुरुआती प्रोटोटाइप तैयार करने की मांग की थी। ट्रेजरी विभाग ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इस सक्रिय विधायी प्रस्ताव को देखते हुए संबंधित ब्यूरो पहले से ही आवश्यक तैयारियां कर रहा है। विभाग का कहना है कि यह वर्तमान प्रक्रिया सिर्फ एक संभावित स्मारक नोट के निर्माण की योजना और तकनीकी अध्ययन का एक हिस्सा मात्र है। इस पूरे मामले में सबसे बड़ी कानूनी रुकावट 1866 में बना वह ऐतिहासिक नियम है, जो स्पष्ट रूप से यह प्रावधान करता है कि अमेरिकी मुद्रा और सरकारी प्रतिभूतियों पर केवल किसी मृत व्यक्ति की तस्वीर ही लगाई जा सकती है। यह नियम तब बनाया गया था जब एक ट्रेजरी अधिकारी ने अपनी ही तस्वीर नोट पर छाप दी थी, जिससे भारी विवाद खड़ा हो गया था। इसलिए, ट्रंप की तस्वीर नोट पर लाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस को पहले इस पुराने कानून में संशोधन करना होगा। तस्वीर के अलावा, 250 डॉलर का मूल्यवर्ग भी अपने आप में एक बड़ी चुनौती है क्योंकि अमेरिकी कानून में फिलहाल केवल 1, 2, 5, 10, 20, 50 और 100 डॉलर के नोटों को ही आधिकारिक मान्यता प्राप्त है। अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर इस विशेष नोट को जारी करने की योजना बनाई जा रही है। ट्रंप के समर्थकों का मानना है कि देश की 250वीं वर्षगांठ पर मौजूदा राष्ट्रपति को सम्मानित करना पूरी तरह से उचित होगा और वित्त मंत्री ने भी इस विचार का समर्थन किया है। गौरतलब है कि वर्तमान में अमेरिका में चलन में सबसे बड़ा नोट 100 डॉलर का ही है, क्योंकि वर्ष 1969 के बाद से सरकार ने काले धन और अपराध पर लगाम लगाने के लिए बड़े मूल्यवर्ग के नोट छापना बंद कर दिया था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस कानूनी अड़चन को कैसे पार करती है। वीरेंद्र/ईएमएस/29मई 2026