राष्ट्रीय
29-May-2026
...


नई दिल्ली (ईएमएस)। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पाकिस्तान से जुड़े एक बड़े आतंकी नेटवर्क के खिलाफ देशव्यापी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत चार राज्यों में स्थित 12 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिससे सीमा पार से संचालित होने वाली भारत विरोधी गतिविधियों को करारा झटका लगा है। यह छापेमारी पाकिस्तान में बैठे ऑपरेटिव जसवीर चौधरी और उसके भारतीय सहयोगियों से जुड़े आतंकी मॉड्यूल को निशाना बनाकर की गई है। जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि यह नेटवर्क भारत में हथियार, गोला-बारूद और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा था। एनआईए के बड़े तलाशी अभियान में उत्तर प्रदेश में पांच, राजस्थान में दो, बिहार में दो और महाराष्ट्र में तीन स्थानों पर एक साथ टीमें पहुंचीं। केंद्रीय एजेंसियों और लोकल पुलिस के सहयोग से की गई कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों से गहन पूछताछ की गई। मौके से महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। इन डिजिटल सबूतों से इस आतंकी मॉड्यूल की आगे की गतिविधियों और इसमें शामिल अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच में यह खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान स्थित इस नेटवर्क ने भारत-पाकिस्तान सीमा के रास्ते ड्रोन के द्वारा भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक सामग्री भारत भेजी थी। इन हथियारों और आईईडी का इस्तेमाल पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में बड़े आतंकी हमलों और विस्फोटों को अंजाम देने के लिए किया जाना था। एजेंसियों का मानना है कि यदि यह बड़ी साजिश सफल होती, तब देश को भारी जान-माल का नुकसान उठाना पड़ सकता था। यह पूरी जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद एनआईए द्वारा अपने हाथ में ली गई थी। एजेंसी कई महीनों से इस आतंकी नेटवर्क, ड्रोन सप्लाई चेन और आईईडी मॉड्यूल से जुड़े संदिग्धों की गतिविधियों पर बारीक नज़र रख रही थी। तकनीकी और खुफिया इनपुट के आधार पर ही संयुक्त और सुनियोजित कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। जांच एजेंसियां अब इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क के तार देश के किन-किन कोनों तक फैले हुए हैं और इसमें कौन-कौन से व्यक्ति शामिल हैं। अधिकारियों को जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों से कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। मामले की संवेदनशीलता को देखकर एनआईए अधिकारियों ने फिलहाल ज़्यादा जानकारी साझा करने से इंकार किया है, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल किसी भी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। आशीष दुबे / 29 मई 2026