नरसिंहपुर, (ईएमएस)। उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग मोरिस नाथ ने बताया कि खरीफ फसलों की आगामी बोनी को देखते हुए जिले के किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। बोनी की तैयारियों के मद्देनजर प्रदेश के साथ जिले में भी खाद का पर्याप्त स्टाक उपलब्ध करा दिया गया है। विषम वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत सरकार ने उर्वरकों की आपूर्ति निरंतर और तय कार्यक्रम के अनुसार की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिले में 13 हजार 896 मैट्रिक टन यूरिया, एक हजार 673 मैट्रिक टन डीएपी, 5 हजार 639 मैट्रिक टन एनपीकेएस, 504 मैट्रिक टन एमओपी और 12 हजार 670 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) का सुरक्षित भंडारण किया जा चुका है, जो वितरण का भी कार्य सतत जारी है। वर्तमान स्थिति में 5 हजार 576 मैट्रिक टन यूरिया, 5 हजार 492 मैट्रिक टन डीएपी प्लस एनपीके, 321 मैट्रिक टन एमओपी और 10 हजार 620 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट (एसएसपी) उपलब्ध है। नरसिंहपुर रैक प्वांइट पर 20 मई 2026 को आईएफएफसीओ 3 हजार 168 मी.टन और 21 मई 2026 को आईएफएफसीओ 3 हजार 201 मी.टन यूरिया प्राप्त हुआ है। इसी क्रम में गुरूवार 28 मई 2026 नरसिंहपुर रैक प्वांइट पर एक हजार 341 मी.टन एनएफएल यूरिया प्राप्त हुआ। जिसका भण्डारण सहकारी समितियों, डबल लॉक केन्द्रों और निजी विक्रेताओं में किया जा रहा है। जिले में यूरिया सहित अन्य उर्वरकों का पर्याप्त स्टाक मौजूद है। जिले में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को सतत वितरण किया जा रहा है। खरीफ मांग को दृष्टिगत रखते हुए निरंतर मॉनिटरिंग एवं भंडारण सुनिश्चित किया जा रहा है। खाद सोसायटीवार, मार्कफेड के डबल लाक केंद्रवार और निजी दुकानवार ई-विकास पोर्टल पर आनलाइन देखी जा सकती है। उप संचालक कृषि ने बताया कि ई- विकास प्रणाली (ई-टोकन उर्वरक वितरण) अंतर्गत जिले में एक अप्रैल 2026 से 29 मई 2026 तक किसानों द्वारा रजिस्ट्रेशन कराकर 27 हजार 488 किसानों ने ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक क्रय किया गया है। जिले में के सेवा सहकारी समितियां, मार्कफेड गोदाम, नरसिंहपुर एग्रो, तेंदूखेड़ा नवीन ट्रेडर्स, करेली गुणवत्ता वाले बीज और कीटनाशक, केएसके नर्मदा उर्वरक, केएसके सालीचौका रीवा एग्रो, मणिनागेंद्र सिंह एफपीओ, आईएफएफडीसी नरसिंहपुर गाडरवारा कृष्णा ट्रेड, आईएफएफडीसी गोटेगांव केएसके आशीष, आईएफएफडीसी केएसके तेंदूखेड़ा, आईएफएफडीसी रामनाथ ट्रेडर्स, आईएफएफडीसी करेली बालाजी फर्टिलाइजर, आईएफएफडीसी एनएसपी अमर फर्टिलाइजर्स (मधुर), आईएफएफडीसी गोटेगांव राजेंद्र ट्रेडर्स, आईएफएफडीसी इमलिया साहू (रामेश्वर), आईएफएफडीसी करकबेल रामदास ट्रेडर्स, आईएफएफडीसी केएसके (अनुराग नेमा), आईएफएफडीसी मनोज कृषि केंद्र, आईएफएफडीसी साईंखेड़ा एग्रो एजेंसी और करेली इफको ई-बाजार के उर्वरक विक्रेता प्रतिष्ठानों में उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने जिले के सभी किसानों से अनुरोध किया है कि वे अपनी फसल की आवश्यकतानुसार खाद को अपनी पसंद की सोसायटी या दुकान से ई-विकास पोर्टल के माध्यम से आसानी से बुक कर प्राप्त कर सकते हैं। इस पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली में राजस्व पट्टाधारी, वन पट्टाधारी, सिकमी किसान, शारीरिक रूप से अक्षम व वृद्ध किसान, मृतक किसान के स्वजन और धार्मिक संस्थान या ट्रस्ट की जमीन के लिए भी खाद उपलब्ध कराने की विशेष सुविधा दी गई है। किसान चाहें तो खरीफ फसलों के लिए अनुशंसित यूरिया, एसएसपी, एनपीके, डीएपी और पोटाश खाद की पूरी मात्रा एक बार में ही उठा सकते हैं। इसके अलावा यदि किसान चाहें तो अपनी मर्जी और आवश्यकता के अनुसार पोर्टल पर प्रक्रिया का पालन करते हुए सुविधानुसार दोबारा भी खाद की बुकिंग कर सकते हैं। प्रशासन की इस व्यवस्था से किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़ेगा और बोनी का कार्य सुगमता से हो सकेगा। किसानों को परेशान होने की आवश्यनक नहीं है, उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।