हमारे सभी तीर्थ यही इसलिए भारत सर्वाधिकार सनातनियों का- खट्टर देवास (ईएमएस)। वीर सावरकर जयंती के अवसर पर प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी सनातन एकता को समर्पित विचारधारा आधारित विशाल कार्यक्रम का आयोजन जनचेतना सामाजिक संस्था के तत्वाधान में किया गया। सनातन एकता एवं धर्म स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर राव सावरकर विषय पर मुख्य वक्ता गौतम खट्टर के संबोधन को सुनने हजारों की संख्या में श्रोता उपस्थित रहे। वक्ता के रूप में वरिष्ठ समाज सेवी एवं भाजपा नेता प्रदीप त्रिपाठी ने वीर सावरकर के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके संर्घष काल की भीषण यात्रा को प्रकाशित पुस्तकों के आधार पर सामने रखा। सनातन महासंघ के संस्थापक गौतम खट्टर संपूर्ण देश में विचरण करके सनातन संस्कृति एवं चुनौतियों को लेकर बेलाग विचार रखने हेतू जाने जाते हैं। इस अवसर पर देवास विधायक श्रीमंत गायत्री राजे पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष डा. रायसिंह सेंधव, नगर निगम अध्यक्ष रवि जैन, महापौर प्रतिनिधि दुर्गेश अग्रवाल, पुर्व विकास प्राधिकरण अध्यक्ष राजेश यादव, नगर निगम नेता सत्तापक्ष मनीष सेन तथा भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा प्रदेश महामंत्री संजय दायमा ने गौतम खट्टर और प्रदीप त्रिपाठी का स्वागत किया। संस्था अध्यक्ष सुदेश सांगते ने उपस्थित श्रोताओं एवं अतिथिगण से मुख्य वक्ता का परिचय कराया। स्वागत भाषण जन चेतना समाजिक संस्था संयोजक अजय तोमर ने दिया तथा संस्था की कार्यविधि से अवगत कराया। अपनी चिर परिचित प्रखर शैली में श्री खट्टर ने हिन्दुओं में आत्म चिंतन की आवश्यकता पर बल दिया। गौ रक्षा के क्षेत्र में समाज को ही उन लोगों को सबक सिखाना होगा जो हिन्दू होते हुए भी गौवध का कारण बनते हैं। इसी तरह नवदुर्गा या अन्य त्यौहारों पर हम नाचते गाते हैं परंतु त्यौहार की मूल संस्कृति से परिचित नहीं होते। युवा पीढ़ी कही न कही अपनी ज्ञान परंपरा के प्रति बेरूखी है। देवी अहिल्या बाई ने उत्तर से दक्षिण तक मंदिरों का निमार्ण व जीर्णोद्वार कराया उनका नाम मालवा तो जानता परंतु मेरे प्रदेश में बहुत कम लोग जानते है। भारत पर पूर्ण अधिकार स्थानीयों का ही है क्योंकि प्रत्येक सनातनी के सभी तीर्थ क्षेत्र भारत भूमि पर ही है उन्हें देश से बाहर नहीं जाना होता। मंदिरो पर ही सरकार का नियंत्रण क्यों है अन्य धर्म स्थलों पर नही यह प्रश्न उठता रहेगा और सरकार से जवाब भी मांगा जाता रहेगा। नारीशक्ति अपनी सनातमी धर्म शक्ति से परिचित हो, वो शक्तिस्वरूपा है इसलिए उत्सव में डांडिया नृत्य करे परंतु डंडा चलाना भी याद रखे। सनातन एकता भेदभाव की भावना मिटाकर ही सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर सभी ने हुनमान चालीसा का पाठ भी किया। कार्यक्रम का संचालन श्रेया चौबे ने किया और आभार सुदेश सांगते ने माना। कार्यक्रम के सफल आयोजन में रितु सबनेर पार्षद, उषा खत्री पार्षद, निधि वर्मा पार्षद, खुशबू वर्मा पार्षद, कविता सिसोदिया, अक्षरा तोमर, गोपाल खत्री, योगेश शर्मा, भूपेश ठाकुर पार्षद, संजय ठाकुर, निलेश वर्मा, रामदयाल यादव पार्षद, धर्मेश जोशी नारायण शर्मा संजय शर्मा गंपू, राहुल गोस्वामी, सुरेंद्र गायकवाड, नीरज पटेल, सचिन राठौर, माखन सूर्यवंशी का सहयोग रहा।