क्षेत्रीय
29-May-2026
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कृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तो ने दिखाया भक्ति का रस देवास (ईएमएस)। महाराष्ट्र समाज धर्मशाला में श्री औदुम्बर वरिष्ठ नागरिक मंच के तत्वाधान में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन भागवताचार्य पं. डॉ. दीपेश पाठक महाराज ने भगवान वामन अवतार, और समुद्र मंथन की कथा सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद, उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की कथा का वर्णन किया, जिसे बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पं. पाठक जी ने बताया कि भगवान वामन का अवतार हमें सिखाता है कि किस तरह भगवान अपने भक्त राजा बलि की जीत की घोषणा करते हैं। उन्होंने कहा कि बलि ने अपना सब कुछ भगवान को अर्पित कर दिया, जिसके कारण भगवान चार महीने के लिए उनके पास सुतल लोक में निवास करते हैं। उन्होंने समुद्र मंथन की कथा का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए कहा कि हमें अपने जीवन में लगातार भगवान के नाम का मंथन करना चाहिए। इस मंथन से पहले बुराइयां और नकारात्मकता रूपी विष बाहर निकलता है, और फिर हमें सकारात्मकता, आनंद और सुख रूपी अमृत की प्राप्ति होती है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम: कथा के अंतिम चरण में, पं पाठक जी ने मथुरा में कंस के कारागार में श्रीकृष्ण के प्रकट होने की लीला का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान चतुर्भुज रूप में प्रकट हुए और अपने माता-पिता, देवकी और वासुदेव, को पूर्व जन्म की लीलाओं का स्मरण कराया। इसके बाद, उन्होंने बाल रूप धारण किया, और वासुदेव उन्हें गोकुल ले गए। उक्त आयोजन का सफल संचालन वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष महेंद्र उपाध्याय द्वारा किया गया एवं आभार संयोजक जयंत शर्मा द्वारा व्यक्त किया गया। नित्य प्रतिदिन हो रहा वैदिक पूजन नगर पुरोहित पंडित मनीष पाठक (आष्टा) ने बताया की अधिकमास के पवित्र माह में आयोजित भागवत सप्ताह में प्रतिदिन देव एवं पितृ पूजन,अभिषेक मुख्य यजमान महेंद्र दुबे, जयंत शर्मा, महेंद्र जोशी, प्रकाश चौधरी,सुनील दुबे द्वारा वैदिक आचार्य पं. मनीष पाठक नगरपुरोहित एवं विप्रजनों के मार्गदर्शन में नित्य प्रतिदिन संपन्न हो रहा हैं।