देवास (ईएमएस)। ईदुल अजहा के मुबारक अवसर पर शाही ईदगाह राधागंज में ईद की विशेष नमाज हुई। काजी नोमान अहमद अशरफी साहब ने नमाज से पहले तकरीर की उन्होंने कहा कि अल्लाह को राजी करना है तो हुज़ूर सल्लल्लाहु अ़लैहि व आलिही वसल्लम से मोहब्बत करो। किसी का हक न मारो, सच्चाई का साथ दो। हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की जिंदगी पर अमल करो। अपने पेशे को ईमानदारी से निभाएं, हलाल रिज़्क़ हासिल करना बड़ी नेमत है, स्वर्गीय हज़रत अल्लामा मौलाना क़ारी हकीम क़ाज़ी इरफ़ान अहमद अशरफ़ी साहब अ़लैहिर्रहमह की बात को कोड करते हुए कहा कि हलाल की सूखी रोटी हराम के देसी घी से ज्यादा ताकतवर होता है। काजी नोमान अहमद अशरफी साहब ने कहा कि ईदुल अजहा का मतलब जानवर की कुर्बानी के साथ साथ अपने अंदर की हर बुराई को खत्म करना भी है। श्री अशरफी ने पर्यावरण के प्रति चिंता जताते हुए सभी से एक पेड़ लगाने का आव्हान किया।भीषण गर्मी में भी हजारों लोगों ने ईदगाह में नमाज अदा की। नमाज के बाद खुतबा हुआ देश की सलामती, तरक्की के लिए दुआ हुई मरहूम काजी मौलाना इरफान अहमद अशरफी साहब के लिए अल्लाह की बारगाह में दुआ हुईं। ईद की नमाज के बाद सभी ने एक दूसरे को गले लगाकर मुबारक बाद दी।