:: कलेक्टर के निर्देश पर पीसीपीएनडीटी दल की बड़ी कार्रवाई; प्रमाण पत्र नवीनीकरण पर लगी रोक, डॉक्टरों को नोटिस :: इंदौर (ईएमएस)। कलेक्टर शिवम वर्मा के कड़े रुख के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्कीम नंबर 54 स्थित यूनिवर्सल हॉस्पिटल एंड केयर सेंटर पर बड़ी वैधानिक कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी द्वारा पिछले दिनों किए गए औचक निरीक्षण में अस्पताल में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई थीं। इसके बाद सीएमएचओ द्वारा गठित विशेष जांच दल ने जब दोबारा अस्पताल का सघन निरीक्षण किया, तो वहां नियमों की धज्जियां उड़ती मिलीं। जांच में सामने आया कि अस्पताल में डॉ. अर्पित जैन एवं डॉ. सचिन भटेले जैसे अपंजीकृत चिकित्सक अवैध रूप से ईको (सोनोग्राफी) संबंधी संवेदनशील कार्य कर रहे थे। इस गंभीर गड़बड़ी से सीएमएचओ ने तत्काल कलेक्टर शिवम वर्मा को अवगत कराया। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के सख्त निर्देश मिलते ही शुक्रवार को पीसीपीएनडीटी दल की सदस्य डॉ. कल्पना भटनागर (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और दीपमाला बमने तुरंत मौके पर पहुंचीं। दल ने त्वरित एक्शन लेते हुए यूनिवर्सल हॉस्पिटल (पीसीपीएनडीटी पंजीयन क्रमांक 429) में संचालित हो रहीं समस्त सोनोग्राफी मशीनों को तत्काल प्रभाव से सीलबंद कर दिया। :: पंचनामा बनाकर जांच रिपोर्ट तैयार, डॉक्टरों को थमाया कारण बताओ नोटिस :: जांच टीम ने मौके पर ही वैधानिक पंचनामा तैयार कर अस्पताल के पीसीपीएनडीटी प्रमाण पत्र के आगामी नवीनीकरण (रिन्यूअल) पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके साथ ही कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना जरूरी पंजीकरण के ईको और सोनोग्राफी से जुड़ा कार्य करने वाले दोनों चिकित्सकों (डॉ. अर्पित जैन और डॉ. सचिन भटेले) के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने के कड़े निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से शहर के निजी चिकित्सालय प्रबंधनों में हड़कंप मच गया है। प्रकाश/29 मई 2026