राज्य
29-May-2026
...


इंदौर (ईएमएस)। शहर के पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजने और आगामी मानसून में उन्हें लबालब भरने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में निगम प्रशासन ने जल संकट के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए तालाबों के कैचमेंट एरिया (जलभराव क्षेत्र) से अवरोध हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के सख्त निर्देश पर झोन क्रमांक 13 के अंतर्गत आने वाले नायता मुंडला तालाब के कैचमेंट एरिया में बने अवैध निर्माण पर निगम का बुलडोजर चला और निर्माण को जमींदोज कर दिया गया। दरअसल, निगम की टीम को सूचना मिली थी कि नायता मुंडला तालाब के डूब क्षेत्र और पानी आने के प्राकृतिक रास्तों (चैनलों) पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा और निर्माण किया जा रहा है। जांच में सामने आया कि यहां रवि शुगनबाई सुनेर और जितेंद्र रायसिंग यादव द्वारा निर्माण कार्य कराया जा रहा था, जिससे बारिश के पानी का प्रवाह पूरी तरह बाधित हो रहा था। आगामी वर्षा ऋतु में तालाब अपनी पूरी क्षमता से भर सके और पर्यावरण व जल संरक्षण को कोई नुकसान न पहुंचे, इसे ध्यान में रखते हुए निगम के रिमूवल अमले ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। :: अतिक्रमण करने वालों पर रहेगी पैनी नजर :: कार्रवाई के बाद नगर निगम प्रशासन ने अपना रुख साफ करते हुए कड़े लहजे में चेतावनी दी है। निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर के तालाबों, कुओं, बावड़ियों और उनके कैचमेंट क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वर्षा जल के प्राकृतिक मार्ग को रोकने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह लगातार निगरानी रखी जाएगी और बिना किसी रियायत के सख्त दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। प्रकाश/29 मई 2026