क्षेत्रीय
30-May-2026
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कटनी(ईएमएस) तहसील स्लीमनाबाद के ग्राम कोड़िया में दलित-आदिवासी गरीब महिलाओं से उनकी 15 साल पुरानी खेती की जमीन बलपूर्वक छीनने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं ने पुलिस और राजस्व अधिकारियों पर भू-माफियाओं से मिलीभगत का आरोप लगाया है। क्या है मामला-- ग्राम कोड़िया के पुराने खसरा नं. 1485, 1598, 1608, 1610, 1620, 1611, 1617 एवं नए खसरा नं. 1817, 1824, 1825, 1922, 1916, 1918 की बंजर जमीन को रामकली बाई, उम्मेद बाई, रानी बाई, राजा बाई, मुलिया बाई, ऊषा बाई, मालती बाई, कमला बाई, रेनूका बाई सहित 10 महिलाओं ने 15 वर्षों की कड़ी मेहनत से कृषि योग्य बनाया था। इसी जमीन से इनके परिवारों का भरण-पोषण हो रहा था। अचानक पहुंचे भू-माफिया-- पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि विगत कुछ दिनों से अनिल पाठक, विजय पौराणिक, विवेक मिश्रा, संतोष कुशवाहा, गुड्डू हल्दकार एवं जीतेन्द्र जायसवाल द्वारा उन्हें डरा-धमकाकर खेती से बेदखल किया जा रहा है। महिलाओं का कहना है कि उक्त भूमि अब सोनू एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड, गजराज सिंह पिता मथुरा सिंह एवं मटोर एग्रोटेक प्रा. लिमिटेड के नाम दर्ज बताई जा रही है। दस्तावेज दिखाने में नाकाम-- पीड़ित पक्ष का आरोप है कि कथित कंपनी के मालिक या भू-स्वामी न तो आज तक मौके पर पहुंचे हैं और न ही जमीन की मूल रजिस्ट्री या क्रय संबंधी कोई वैध दस्तावेज पेश कर पाए हैं। आरोप है कि बिना किसी नोटिस या न्यायिक प्रक्रिया के पुलिस-राजस्व की मौजूदगी में बलपूर्वक फसल उजाड़कर कब्जा किया जा रहा है। म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 190 के तहत 12 वर्ष से अधिक शांतिपूर्ण कब्जे को वैधानिक माना जाता है। जानकारों के अनुसार बिना बेदखली की कानूनी प्रक्रिया अपनाए किसी को भी हटाना अवैध है। प्रशासन से की मांग-- पीड़ित महिलाओं ने कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक कटनी से मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। महिलाओं ने कहा कि कथित भू-स्वामियों से मूल दस्तावेज तलब किए जाएं, दोषियों पर एफआईआर दर्ज हो और उनका कब्जा बहाल कर सुरक्षा प्रदान की जाए। इनका कहना है-: आकाशदीप नामदेव, तहसीलदार स्लीमनाबाद, वर्षो से खेती कर रहे गरीब श्रमिकों की खेती की जमीन को बल पूर्वक छीनने का मामला संज्ञान में आया है,हल्का पटवारी से जानकारी लेकर मामले को गंभीरता पूर्वक लेकर जाँच कार्यवाही करेंगे। ईएमएस, कटनी, (अनिल दीवान)30/05/2026