30-May-2026
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कॉकरोच जनता पार्टी विवाद पर आरएसएस ने दी प्रतिक्रिया नागपुर,(ईएमएस)। सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) को लेकर चल रहे विवाद के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से पहली बार प्रतिक्रिया सामने आई है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने यहां मीडिया से बात करते हुए कहा, लोकतंत्र में विभिन्न विचारों, मतों और सार्वजनिक चर्चाओं के लिए पर्याप्त स्थान होता है तथा ऐसी गतिविधियों को चिंता या असामान्य स्थिति के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इसी के साथ ही आंबेकर ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र में हर प्रकार की आवाज और भावना को समाहित करने की क्षमता मौजूद है। उन्होंने कहा कि देश में पारदर्शी चुनाव, स्वतंत्र मीडिया और सोशल मीडिया जैसे मजबूत मंच उपलब्ध हैं, जहां प्रतिदिन विभिन्न मुद्दों पर खुली चर्चा होती है। ऐसे में किसी भी नए विचार, आलोचना या व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति को लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा माना जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हो रहे सीजेपी को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। विशेष रूप से युवाओं और जेन-जी वर्ग के बीच इस व्यंग्यात्मक मंच की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। बताया जा रहा है कि इंस्टाग्राम पर इसके फॉलोअर्स की संख्या कई प्रमुख राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया खातों से भी अधिक हो गई है। कुछ भाजपा नेताओं ने इस मंच के उद्देश्यों और गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं तथा इसके कथित विदेशी संबंधों को लेकर भी आरोप लगाए हैं। वहीं, सरकार द्वारा सीजेपी के एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट को ब्लॉक किए जाने के बाद मामला न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच गया है और फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट में विचाराधीन है। संघ को हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं संघ प्रचारक आंबेकर ने यह भी कहा कि देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं, राजनीतिक दल और मीडिया ऐसे मुद्दों से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं। उनके अनुसार संघ को हर विवाद में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं है। आंबेकर ने देश के युवाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि नई पीढ़ी भारत के भविष्य को लेकर आशावान है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी युवा शक्ति की क्षमता और समझ पर पूरा विश्वास रखता है। उधर, विपक्ष के कई नेताओं और मनोरंजन जगत की कुछ हस्तियों ने भी सीजेपी के समर्थन में अपनी राय व्यक्त की है, जिससे यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। हिदायत/ईएमएस 30मई26