:: अनुसंधान में आएगी तेजी और पारदर्शिता, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने दिए प्रभावी उपयोग के निर्देश :: इंदौर (ईएमएस)। अनुसंधान कार्यों में तेजी, पारदर्शिता एवं तकनीकी दक्षता बढ़ाने की दिशा में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा एक और बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, आधुनिक एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट द्वारा पुलिस मुख्यालय से प्राप्त अत्याधुनिक टैबलेट विभिन्न थानों के विवेचना अधिकारियों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन आधुनिक संसाधनों के माध्यम से आपराधिक प्रकरणों के अनुसंधान कार्यों में गति, पारदर्शिता एवं उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी। इसी क्रम में पुलिस कमिश्नर कार्यालय इंदौर में विवेचना अधिकारियों के लिए एक विशेष टैबलेट वितरण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर संतोष कुमार सिंह की विशेष उपस्थिति रही। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था मयंक अवस्थी, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय आरके सिंह, पुलिस उपायुक्त जोन-02 अमन सिंह राठौड़, पुलिस उपायुक्त जोन-04 सुनील मेहता एवं अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों सहित विभिन्न थानों के विवेचना अधिकारी मौजूद रहे। :: कुल 873 टैबलेट का होगा वितरण, ई-विवेचना पर जोर :: कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह द्वारा विवेचना अधिकारियों को टैबलेट वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि पूर्व के 176 तथा नए 697 टैबलेट को मिलाकर कुल 873 टैबलेट इंदौर पुलिस को प्राप्त हुए हैं, जो कि सभी थानों के विवेचना अधिकारियों को प्रदाय किए जा रहे हैं। पुलिस कमिश्नर ने सभी मातहत अधिकारियों को इन आधुनिक उपकरणों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल एवं अन्य प्रकार के साक्ष्यों के बेहतर संकलन, सुरक्षित प्रबंधन एवं ई-विवेचना ऐप के माध्यम से अनुसंधान कार्यों को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं प्रभावी ढंग से संपादित किया जाए। :: साइबर अनुसंधान और डिजिटल साक्ष्य संरक्षण का प्रशिक्षण :: विशेष प्रशिक्षण के दौरान सभी अधिकारियों को ऑनलाइन अनुसंधान, केस डायरी संधारण, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, साइबर संबंधी अनुसंधान तकनीकों तथा तकनीकी संसाधनों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण विवेचना करने के संबंध में विस्तृत तकनीकी जानकारी प्रदान की गई। इस तकनीकी अपग्रेडेशन से थानों में लंबित मामलों के निराकरण में बड़ी मदद मिलेगी और कागजी कार्रवाई के समय में भी बचत होगी। :: बदलती आपराधिक प्रवृत्ति में तकनीक आधारित पुलिसिंग जरूरी :: संबोधन के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वर्तमान समय में अपराधों की प्रकृति तेजी से बदल रही है, ऐसे में तकनीक आधारित पुलिसिंग आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। आधुनिक डिजिटल उपकरणों के उपयोग से पुलिस का विवेचना कार्य अधिक सटीक, पारदर्शी और त्वरित होगा, जिससे आम जनता को बेहतर एवं प्रभावी पुलिस सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा भविष्य में भी अपने पुलिस बल को तकनीकी रूप से सशक्त, प्रशिक्षित एवं दक्ष बनाने के लिए इस तरह के प्रयास निरंतर रूप से जारी रखे जाएंगे। प्रकाश/30 मई 2026