:: क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, मुख्य आरोपी राजपाल को हथियार और शूटर लाकर देता था राहुल :: इंदौर (ईएमएस)। शहर के कारोबारियों को लारेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर डराकर मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह के खिलाफ इंदौर पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस कमिश्नर के कड़े रुख के बाद क्राइम ब्रांच की विशेष टीम (एसआईटी) ने घेराबंदी कर गैंग के मुख्य सदस्य राहुल सिंह राठौर को गिरफ्तार कर लिया है। देवास के रहने वाले 34 वर्षीय राहुल पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस अब तक कुल छह आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है। :: कारोबारियों की रेकी और पैसों का रखता था हिसाब :: पूछताछ में सामने आया कि राहुल राठौर जेल में बंद मुख्य आरोपी राजपाल चंद्रावत का सबसे खास और वफादार साथी था। इंदौर के बड़े व्यापारियों के दफ्तरों और आलीशान घरों की रेकी करने यानी उन पर नजर रखने का जिम्मा राहुल का ही था। इसके अलावा गिरोह के सदस्यों के बीच पैसों के लेन-देन का हिसाब-किताब रखने और उन्हें पुलिस से बचाने के लिए तकनीकी मदद देने में भी उसकी मुख्य भूमिका रहती थी। :: बाहर से लाता था हथियार और शूटर, भागने में टूटा पैर :: जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि राहुल ही मुख्य आरोपी राजपाल को अवैध हथियार और शहर में फायरिंग कर दहशत फैलाने के लिए बाहर से शूटर (लड़के) लाकर देता था। पुलिस की दबिश के दौरान जब आरोपी ने भागने की कोशिश की, तो संतुलन बिगड़ने से उसके हाथ-पैर टूट गए, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। इस गिरोह के पांच सदस्यों को पुलिस पहले ही दबोच चुकी है। राहुल की गिरफ्तारी से पुलिस इस पूरे रंगदारी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के बेहद करीब पहुंच गई है। प्रकाश/30 मई 2026