मुम्बई (ईएमएस)। बल्लेबाज सरफराज खान अब टी20 मुंबई लीग में खेलते हुए नजर आयेंगे। टी20 मुंबई लीग के चौथे सत्र से पहले मुंबई वेस्टर्न सबअर्ब्स आकाश टाइगर्स की ओर से खेलेंगे। इसी दौरान सरफराज ने खुलासा किया कि पिछले दो साल जब उन्हें आईपीएल में अवसर नहीं मिला था तो उन्होंने अपनी फिटनेस और स्ट्राइक रेट पर काम किया था। सरफराज का कहना है कि इसका लाभ अब उन्हें मिला है। इसी कारण वह आईपीएल के 19 वें सत्र में चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) की ओर से खेलते समय सहज रहे। सरफराज पिछले कुछ आईपीएल सत्रों में किसी भी टीम ने नहीं खरीदा था। हालांकि, इस साल उन्हें सीएसके ने अवसर दिया। सरफराज ने अपने मुश्किल दौर को याद किया। उन्होंने कहा, आईपीएल में मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती थी वापसी करना और एक प्रभावी स्ट्राइक रेट के साथ प्रदर्शन करना। पूर्व में मुझे स्ट्राइक रेट और फिटनेस को लेकर कुछ समस्याएँ थीं, और इन्हीं कारणों से मुझे दो साल तक अवसर नहीं मिला। उस दौरान मेरे मन में यही था कि मुझे हर हाल में वापसी करनी है। इसी बीच उन्होंने अपनी कमजोरियों पर काम किया। उन्होंने अपनी बात जारी रखते हुए बताया, मुझे अपने स्ट्राइक रेट में सुधार करने और अपनी फिटनेस को एक उच्च स्तर पर ले जाने की सख्त आवश्यकता थी। यही वह मुख्य कारण था जिसके चलते मैं दो साल तक आईपीएल में जगह नहीं बना पाया। इस अवधि में उन्होंने अपनी शारीरिक फिटनेस, क्षेत्ररक्षण कौशल और बल्लेबाजी तकनीक पर लगातार और कड़ी मेहनत की। इसी का परिणाम ये रहा कि उन्हें इस बार अवसर मिल गया है। सरफराज ने दृढ़ता से कहा कि वह भविष्य में भी अपने खेल में सुधार जारी रखेंगे, क्योंकि क्रिकेट में सीखने की प्रक्रिया कभी खत्म नहीं होती। सीएसके महेनद्र सिंह धोनी जैसे दिग्गज कप्तान के साथ बिताए गए दो महीनों के अनुभव को लेकर सरफराज काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने बताया, मैंने सीएसके के साथ दो महीने का बहुमूल्य समय बिताया और इस दौरान मैंने धोनी भाई से बहुत कुछ सीखा। हर कोई जानता है कि उनके कमरे के दरवाजे कभी बंद नहीं होते, इसलिए जब भी हमें मार्गदर्शन या चर्चा की आवश्यकता होती, हम उनके साथ बैठकर क्रिकेट के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श करते और हमेशा कुछ नया सीखने की कोशिश करते हैं। सरफराज के अनुसार, धोनी से मिली सबसे महत्वपूर्ण सीख थी चीज़ों को आसान रखना क्रिकेट और जीवन दोनों में। गिरजा/ईएमएस 31मई 2026