रायसेन (ईएमएस)। 10 हजार रुपए जेब से खर्च कर सुधरवाई टूटी पाइपलाइन, फिर भी नहीं हटाई गई जलप्रदाय लाइन; काम अटका, लोगों को हो रही आवागमन में हो रही परेशानी, बारिश सिर पर रायसेन। शहर के सागर रोड पर चल रहे नाला निर्माण कार्य में नगर पालिका की जलप्रदाय पाइपलाइन बड़ी बाधा बन गई है। निर्माण एजेंसी के ठेकेदार दिगपाल रघुवंशी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीके सूत्रकार को पत्र लिखकर पूरे मामले से अवगत कराया है। छह सूत्रीय बिंदुओं वाले इस पत्र में उन्होंने लगभग सवा दो करोड़ रुपए की लागत से नाला निर्माण कार्य में आ रही परेशानियों और नगर पालिका अधिकारियों के रवैये पर सवाल उठाए हैं। ठेकेदार ने पत्र में बताया है कि गोपालपुर से पठारी मार्ग के टेंडर और निर्माण कार्य के तहत लोनिवि रायसेन के साथ अनुबंध के बाद नाला निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। सागर रोड स्थित विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी के निवास श्रीराम परिसर के सामने नगर पालिका परिषद द्वारा उपलब्ध कराई गई जगह पर खुदाई का कार्य किया जा रहा था। इसी दौरान खुदाई क्षेत्र में जलप्रदाय पाइपलाइन आ जाने से निर्माण कार्य प्रभावित हो गया। पत्र के अनुसार, खुदाई के दौरान एक-दो स्थानों पर जेसीबी मशीन से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद ठेकेदार ने अपने स्तर पर करीब 10 हजार रुपए खर्च कर पाइपलाइन की मरम्मत कराई।ताकि नागरिकों को पेयजल आपूर्ति में परेशानी न हो। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सका। पहले भी दिया था आवेदन.... ठेकेदार ने बताया कि 9 अप्रैल 2026 को नगर पालिका को आवेदन देकर निर्माण क्षेत्र से जलप्रदाय पाइपलाइन हटाने का अनुरोध किया गया था। लेकिन लगभग दो माह बीतने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा पाइपलाइन शिफ्ट नहीं कराई गई। परिणामस्वरूप नाला निर्माण का कार्य लगातार प्रभावित हो रहा है। ठेकेदार दिगपाल रघुवंशी का कहना है कि जब उन्होंने नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क किया तो उन्हें पाइपलाइन शिफ्टिंग का इंतजार नहीं करने और अधिकारियों द्वारा बताई गई जगह पर जेसीबी मशीन से खुदाई जारी रखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद कर्मचारियों की मौजूदगी में मशीनों से मिट्टी खुदाई का कार्य कराया गया, लेकिन पाइपलाइन कई स्थानों पर फिर से क्षतिग्रस्त हो गई। हमारा कोई कसूर नहीं..... ठेकेदार ने पत्र में उल्लेख किया है कि निर्माण एजेंसी ने नगर पालिका के निर्देशों का पालन किया। अधिकारियों द्वारा बताए गए स्थान पर ही खुदाई कराई गई थी। ऐसे में पाइपलाइन टूटने की जिम्मेदारी निर्माण एजेंसी पर नहीं डाली जा सकती। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारियों ने यहां तक कह दिया कि यदि पाइपलाइन छोड़कर निर्माण संभव नहीं है तो काम रोक दिया जाए। इसी के बाद से ही यहां नाला निर्माण कार्य लगभग ठप पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य रुकने से न केवल परियोजना की समयसीमा प्रभावित हो रही है।बल्कि क्षेत्र में यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। खुदाई के कारण सड़क संकरी हो गई है और लोगों को आवागमन में वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय हस्तक्षेप की मांग.. ठेकेदार ने मुख्य कार्यपालन यंत्री बीके सूत्रकार से मामले में हस्तक्षेप कर नगर पालिका को पाइपलाइन शिफ्ट कराने के निर्देश देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक जलप्रदाय लाइन नहीं हटाई जाएगी। तब तक नाला निर्माण कार्य सुचारू रूप से पूरा करना संभव नहीं होगा। उधर, शहर के लोगों का कहना है कि लंबे समय से अधूरा पड़ा नाला निर्माण और सड़क पर फैली निर्माण निर्माण सामग्री के कारण रोजाना जाम और असुविधा की स्थिति बन रही है। नागरिकों ने भी संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर जल्द समाधान निकालने की मांग की है, ताकि रुका हुआ निर्माण कार्य फिर से शुरू हो सके। ईएमएस/मोहने/ 31 मई 2026