क्षेत्रीय
31-May-2026
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- तंबाकू को ना, जिंदगी को हां - विश्व नो टोबेको डे उज्जैन (ईएमएस) । विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, फार्मेसी अध्ययनशाला एवं बाल फार्मास्यूटिकल्स के संयुक्त तत्वावधान में सम्राट अशोक प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन विश्वविद्यालय परिसर में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं युवाओं को तंबाकू एवं अन्य नशे की लत से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं सम्राट विक्रमादित्य विवि उज्जैन के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) अर्पण भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि तंबाकू और अन्य नशे व्यक्ति को धीरे-धीरे भीतर से जलाकर नष्ट कर देते हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी स्वयं को इस विनाशकारी आग से बचाए तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाए। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को तंबाकू निषेध की शपथ दिलाते हुए समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर फार्मेसी संकायाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कमलेश दशोड़ा, प्रो. (डॉ.) धर्मेंद्र मेहता, व्यावसायिक प्रबंधन संकायाध्यक्ष एवं पंडित जवाहरलाल नेहरू व्यावसायिक संस्थान के निदेशक डॉ. दर्शन दुबे, बाल फार्मा समूह के मानव संसाधन प्रबंधक श्री रोशन जैन, प्रो. (डॉ.) प्रवीण खिरवाडकर सहित संस्थान के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। प्रो डा धर्मेंद्र मेहता ने अपने रोचक अनुभवो को साझा करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी स्वयं को जलने से बचाए और संयुक्त राष्ट्र संपोषणीय विकास लक्ष्यों से जोड़ते हुए लाइफ़ स्किल् हेल्थ केयर पर भी ध्यान देने हेतु आग्रह किया अपने उद्बोधन में फार्मा सेक्टर के अतिथि मानव संसाधन प्रबंधक श्री रोशन जैन, प्रो. (डॉ.) कमलेश दशोड़ा एवं प्रो. (डॉ.) धर्मेंद्र मेहता ने अपने सारगर्भित विचार साझा करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक सरोकारों से जुड़े अभियान विद्यार्थियों में जागरूकता, उत्तरदायित्व एवं सकारात्मक सोच का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि तंबाकू एवं नशे पर व्यर्थ होने वाली धनराशि को विद्यार्थी शिक्षा, कौशल विकास एवं अन्य रचनात्मक कार्यों में निवेश कर अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं। प्रो.डॉ. कमलेश दशोरा एवं निदेशक संकाय अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) धर्मेंद्र मेहता ने उज्जैन में बढ़ते कैंसर रोगियों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से संयमित एवं अनुशासित जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ आदतें ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। कार्यक्रम का संचालन एवं अतिथियों का परिचय डॉ. दर्शन दुबे द्वारा प्रस्तुत किया गया। अंत में प्रो. (डॉ.) प्रवीण खिरवाडकर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा नशामुक्त समाज के निर्माण हेतु सभी को संकल्प दिलायाI प्रो. (डॉ.) अर्पण भारद्वाज