- राष्ट्रीय जल पुनर्भरण योजना : मध्य प्रदेश से केवल इंदौर, देवास और उज्जैन का चयन; नेहरू स्टेडियम बनेगा मॉडल रिचार्ज साइट इंदौर (ईएमएस)। शहर में गिरते भूजल स्तर की समस्या से निपटने और भविष्य की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इंदौर नगर निगम एक महत्वाकांक्षी वैज्ञानिक परियोजना पर काम कर रहा है। केंद्र सरकार की राष्ट्रीय परियोजना के तहत देश के 75 चयनित शहरों में से मध्य प्रदेश के केवल तीन शहरों इंदौर, देवास और उज्जैन का ही इस विशेष मुहिम के लिए चयन किया गया है। इस विशेष परियोजना को आईआईटी रुड़की और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स (एनआईयूए) के तकनीकी तथा वित्तीय सहयोग से धरातल पर उतारा जाएगा, जिसके तहत इंदौर के 10 प्रमुख स्थानों पर वैज्ञानिक पद्धति से वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण का कार्य किया जाएगा। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने बताया कि लगभग 50 लाख रुपये की अनुमानित लागत से शहर में रिचार्ज शाफ्ट, फिल्टर चैंबर का निर्माण और पारंपरिक जल संरचनाओं के पुनर्जीवन जैसे महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। इस परियोजना के लिए आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों द्वारा किए गए वैज्ञानिक सर्वे, भूगर्भीय संरचना (लिथोलॉजिकल डेटा) और तकनीकी परीक्षण के आधार पर शहर के 10 स्थानों का चयन किया गया है। इन चयनित स्थलों में नेहरू स्टेडियम, लेबर कमिश्नर कार्यालय परिसर, गांधी हॉल स्थित सूखा बोरवेल, वाघमारे का बगीचा, रीजनल पार्क, रेवती हिल्स, निपानिया क्षेत्र, वल्लभनगर बावड़ी, सिद्धेश्वर मंदिर परिसर और पीएससी ऑफिस के सामने स्थित मैदान शामिल हैं। इस परियोजना के तहत नेहरू स्टेडियम को एक मॉडल रिचार्ज साइट के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां लगभग 5315 वर्गमीटर क्षेत्रफल से बरसने वाले पानी का संग्रहण किया जाएगा। यहाँ से प्रतिदिन लगभग 51 घन मीटर पानी सीधे उथले भूजल स्तर (शैलो एक्विफर) में पुनर्भरण किया जा सकेगा। पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जमीन के भीतर भेजने से पहले वर्षा जल को रेत, एग्रीगेट और सक्रिय कार्बन जैसी आधुनिक फिल्टर प्रणालियों के माध्यम से शोधित किया जाएगा। निगमायुक्त ने भरोसा जताया कि इस वैज्ञानिक मुहिम से न केवल शहर के भूजल स्तर में उल्लेखनीय सुधार होगा, बल्कि वर्षाकाल में होने वाले जलभराव पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा, जिसके लिए ड्रेनेज विभाग द्वारा निविदा (टेंडर) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और शीघ्र ही धरातल पर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। प्रकाश/31 मई 2026