01-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक बुलेट ट्रेन सेवा शुरू हो सकती है। इस ट्रेन की अधिकतम रफ्तार करीब 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी, जिससे लंबी दूरी की यात्रा बेहद कम समय में पूरी की जा सकेगी। लोग इस आधुनिक ट्रेन सेवा का लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि बुलेट ट्रेन परियोजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी। इससे व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। मालूम हो कि दुनिया में कई देश पहले से ही हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं। दुनिया की सबसे तेज ट्रेन जापान की एल-0 सीरीज मैग्लेव मानी जाती है। इस ट्रेन ने ट्रायल के दौरान 603 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। जापान की प्रसिद्ध शिंकान्सेन बुलेट ट्रेनें भी नियमित रूप से लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चलती हैं। खास बात यह है कि दुनिया की पहली बुलेट ट्रेन सेवा भी जापान ने करीब छह दशक पहले शुरू की थी, जिसके बाद पूरी दुनिया में हाई-स्पीड रेल तकनीक का विस्तार हुआ। हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के मामले में चीन भी दुनिया के सबसे बड़े देशों में शामिल है। चीन की शंघाई मैग्लेव ट्रेन करीब 460 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती है। वहीं, चीन की नई सीआर450 ट्रेन ने परीक्षण के दौरान 450 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड हासिल की है। इसके अलावा चीन की फुक्सिंग बुलेट ट्रेन नियमित रूप से 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से संचालित हो रही है। यूरोप के कई देशों ने भी हाई-स्पीड ट्रेन नेटवर्क विकसित किए हैं। फ्रांस की प्रसिद्ध टीजीवी ट्रेन लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती है। स्पेन की एवीई ट्रेन करीब 310 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ती है, जबकि दक्षिण कोरिया की केटीएक्स ट्रेन लगभग 305 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ती है। जर्मनी की आईसीई-3 और इटली की फ्रेच्चारोसा 1000 ट्रेनें भी करीब 300 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से संचालित हो रही हैं। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर आधारित है। इस प्रोजेक्ट में जापान की शिंकान्सेन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रेन की परिचालन गति लगभग 320 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है। इसके शुरू होने के बाद मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी और यात्रियों को आधुनिक, सुरक्षित और तेज सफर का अनुभव मिलेगा। सुदामा/ईएमएस 01 जून 2026