व्यापार
01-Jun-2026


- चेयरमैन नोएल टाटा ने कहा, असीमित संभावनाओं के साथ कंपनी अभी शुरुआती दौर में नई दिल्ली (ईएमएस)। टाटा समूह की प्रमुख खुदरा कंपनी ट्रेंट लिमिटेड अपने विकास पथ पर एक महत्वाकांक्षी मोड़ पर खड़ी है। कंपनी के चेयरमैन नोएल एन. टाटा ने अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि तीव्र विस्तार के बावजूद, ट्रेंट अभी भी अपनी विकास यात्रा के शुरुआती चरण में है। उन्होंने दृढ़ विश्वास व्यक्त किया कि कंपनी निकट भविष्य में राजस्व के मामले में 10 गुना बड़ी बनने के अपने महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल कर लेगी और भारतीय ब्रांडों को वैश्विक स्तर पर ले जाने पर भी जोर दिया। यह घोषणा ट्रेंट की रणनीतिक दिशा और वैश्विक खुदरा क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत करने की उसकी आकांक्षा को रेखांकित करती है। 10 गुना वृद्धि का लक्ष्य और वर्तमान प्रगति: नोएल टाटा ने अपने 2023 के शेयरधारक बैठक के वक्तव्य का स्मरण कराया, जहां उन्होंने ट्रेंट को राजस्व और लाभप्रदता के स्तर पर 10 गुना बड़ा बनाने की परिकल्पना की थी। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि तब से कंपनी की आय और लाभप्रदता की गति ढाई गुना से अधिक बढ़ चुकी है, जो इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रति उनके विश्वास को और मजबूत करती है। वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रेंट का परिचालन राजस्व 19,701 करोड़ रुपये रहा है, जो इसकी प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है। कंपनी ने भारत के 321 शहरों में 1,286 स्टोरों का एक विशाल नेटवर्क स्थापित किया है, जिसका कुल खुदरा क्षेत्रफल 1.77 करोड़ वर्ग फुट है, जो इसकी व्यापक पहुंच और परिचालन क्षमता का प्रमाण है। विशिष्ट ब्रांड प्रस्ताव और वैश्विक महत्वाकांक्षाएं: ट्रेंट की भविष्य की वृद्धि विभिन्न श्रेणियों में विशिष्ट और स्पष्ट ब्रांड प्रस्ताव विकसित करने की उसकी रणनीति पर आधारित होगी। कंपनी के पोर्टफोलियो में पहले से ही फैशन एवं लाइफस्टाइल खुदरा श्रृंखला वेस्टसाइड, मूल्य-आधारित फैशन ब्रांड जूडियो और हाइपरमार्केट श्रृंखला स्टार बाजार जैसे सफल ब्रांड शामिल हैं। नोएल टाटा ने ट्रेंट की वैश्विक महत्वाकांक्षाओं पर विशेष जोर दिया। उनका मानना है कि भारत में विकसित ऐसे ब्रांड तैयार करना अत्यंत संतोषजनक होगा जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में एक मजबूत पहचान बना सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंपनी को विदेशी बाजारों से भी महत्वपूर्ण राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रखना चाहिए, जो देश के मूल्य-वर्धित निर्यात बढ़ाने के व्यापक उद्देश्य के अनुरूप है। टाटा ने कहा, हमें बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए, दृढ़ता के साथ उनका क्रियान्वयन करना चाहिए और भारत में विकसित ब्रांड की सफलता पर गर्व करना चाहिए। बहु-ब्रांड रणनीति और विकास का आधार: लगभग 25 वर्ष पहले बेंगलुरु के वाणिज्यिक क्षेत्र में वेस्टसाइड के पहले स्टोर के साथ शुरू हुई ट्रेंट की यात्रा आज 1,200 से अधिक स्टोर तक पहुंच चुकी है। इस उल्लेखनीय विकास में जूडियो और स्टार जैसे कारोबारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नोएल टाटा ने बताया कि ट्रेंट को कभी भी केवल एक ब्रांड वाली कंपनी के रूप में नहीं देखा गया, बल्कि इसे विभिन्न ब्रांडों के समूह के रूप में विकसित करने की रणनीति अपनाई गई। उन्होंने तर्क दिया कि भारत जैसे विविधतापूर्ण और लगातार बदलते बाजार में किसी एक ब्रांड के लिए लाइफस्टाइल क्षेत्र पर पूर्ण प्रभुत्व स्थापित करना कठिन है। उनके अनुसार कंपनी की बहु-ब्रांड रणनीति भविष्य में भी विकास का प्रमुख आधार बनी रहेगी, क्योंकि ट्रेंट अपने मजबूत कारोबारी तंत्र और स्पष्ट उद्देश्य के बल पर आगे के अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। भविष्य की संभावनाएं और कंपनी की उत्पत्ति: नोएल टाटा ने भविष्य की असीमित संभावनाओं पर जोर देते हुए कहा, हमारे सामने अभी भी अपार संभावनाएं हैं और ट्रेंट का मंच लगातार मजबूत हो रहा है। इसलिए मेरा मानना है कि हम अभी अपनी विकास यात्रा के शुरुआती चरण में हैं। उन्होंने कंपनी की शुरुआत को भी याद किया, बताते हुए कि यह यात्रा मूल रूप से लैक्मे को फैशन रिटेल कारोबार की दिशा में परिवर्तित करने के प्रयास से शुरू हुई थी। यह उल्लेखनीय है कि टाटा समूह ने 1990 के दशक के उत्तरार्ध में लक्मे ब्रांड को हिंदुस्तान यूनिलीवर को बेच दिया था, जिसके बाद ट्रेंट एक स्वतंत्र खुदरा इकाई के रूप में उभरी और आज एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में स्थापित हो चुकी है। यह इतिहास ट्रेंट की अनुकूलन क्षमता और नए अवसरों को पहचानने की क्षमता को दर्शाता है। सतीश/ईएमएस 01 जून 2026