-2021 की हिंसा के समय सिब्बल ने चुप्पी साध ली नई दिल्ली (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल के ताजा बयान ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ के हमले और अंडे फेंकने की घटना पर पूर्व कांग्रेस नेता सिब्बल की विवादास्पद टिप्पणी पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि यह बयान देश, देश की सेना और लोकतंत्र को नीचा दिखाने की एक सोची-समझी कोशिश का हिस्सा है। बीजेपी नेता ने कपिल सिब्बल, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस जैसे नेताओं पर भारत के खिलाफ सुपारी लेने का गंभीर आरोप लगाया है। दरअसल, ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद संपा सांसद सिब्बल ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, इस घटना को शर्मनाक, बहुत ही शर्मनाक बताया था। उन्होंने कहा, मुझे शर्म आती है कि मैं इस तरह के देश में रहता हूं, जहां सत्ताधारी दल लोकतंत्र के हर उस आधार को तबाह कर रही है, जिस इस गणराज्य के बनते समय हमारे महान नेताओं ने बनाया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री सिब्बल का बयान अप्रत्यक्ष रूप से केंद्र में सत्तारूढ़ बीजेपी पर निशाना साध रहा था, इससे राजनीतिक पारा चढ़ गया। पूर्व कांग्रेस नेता सिब्बल के बयान पर पलटवार कर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक व्यक्ति जो भारत के सुप्रीम कोर्ट में वकालत करके करोड़ों रुपये कमा चुका है, वह देश की संवैधानिक संस्थाओं के प्रति इतनी घटिया सोच रखता है। बीजेपी प्रवक्ता पूनावाला ने आरोप लगाया कि कपिल सिब्बल मोदी-विरोध में देश-विरोध करते हुए भारत का विरोध करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के लोग भारत की छवि को धूमिल कर रहे हैं। बीजेपी ने सिब्बल की पिछली चुप्पियों पर तीखे सवाल उठाए हैं। बीजेपी ने याद दिलाया कि 2021 के पश्चिम बंगाल चुनावों के बाद हुई भयावह हिंसा पर सिब्बल का मुंह सील गया था। वहां उन्हें शर्म नहीं आई थी। इसके अलावा, बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू का सर तोड़ने या तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के दौरान भी सिब्बल ने चुप्पी साध रखी थी। बीजेपी ने आरोप लगाया कि जब सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर गंभीर टिप्पणियां की थीं और कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा था कि राज्य में कानून का शासन नहीं, बल्कि शासक का चालन चल रहा है, तब भी कपिल सिब्बल ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। बीजेपी ने इस चयनात्मक आक्रोश पर सवाल उठाया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच, बीजेपी ने एक और चौंकाने वाला दावा कर कहा कि अब ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि अभिषेक बनर्जी पर असल में टीएमसी के ही लोगों ने हमला किया था, जिसके समर्थन में तस्वीरें भी मौजूद हैं। बीजेपी का कहना है कि टीएमसी के विधायकों का ममता बनर्जी की बैठकों से दूर रहना भी पार्टी के भीतर चल रही अंदरूनी कलह का स्पष्ट संकेत देता है। बीजेपी नेता ने कपिल सिब्बल, राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस जैसे नेताओं पर भारत के खिलाफ सुपारी लेने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर बन गया है, जहां बीजेपी से असहमति के कारण देश का अपमान किया जाता है। बीजेपी का कहना है कि ये लोग इंडियन स्टेट से लड़ने की बात करते हैं, सेना का अनादर करते हैं, और यह दावा करते हैं कि लोकतंत्र और अर्थव्यवस्था दोनों मर चुके हैं। यह आरोप-प्रत्यारोप भारतीय राजनीति में एक नई तीखी बहस को जन्म दे रहा है, जहां देशप्रेम और राजनीति के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है। आशीष दुबे / 01 जून 2026