राज्य
01-Jun-2026
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मुंबई, (ईएमएस)। भारतीय रेल की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित ट्रेनों में से एक पंजाब मेल, जो आज भी यात्रियों की निरंतर सेवा कर रही है, ने 1 जून 2026 को अपने संचालन के 115वें वर्ष में प्रवेश किया। इस अवसर पर 12137 मुंबई–फिरोजपुर पंजाब मेल ने दिनांक 01.06.2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से प्रस्थान करते हुए अपने 114 वर्षों की सेवा पूर्णता के मील के पत्थर का उत्सव मनाया। इस वर्ष पंजाब मेल में यात्रियों की सुविधाओं के उन्नयन हेतु व्यापक आधुनिकीकरण एवं नवीनीकरण कार्य किए गए, जिनमें शामिल हैं- * बाहरी ब्रांडिंग: फर्स्ट एसी–सेकंड एसी संयोजन कोच एवं पैंट्री कार पर हेरिटेज थीम आधारित विनाइल रैपिंग। * सांस्कृतिक समावेशन/ विरासत छवियाँ: (1) पंजाब मेल की 1912 की विरासत, महाराष्ट्र–पंजाब संबंध तथा स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी थीम्स को दर्शाने वाले डिज़ाइन; जिनमें सीएसएमटी, गेटवे ऑफ इंडिया तथा स्वर्ण मंदिर के चित्र शामिल हैं। (2) एसी कोचों के अंदर जलरोधक कैनवास प्रिंट, जिससे यात्रियों को एक संग्रहालय जैसी अनुभूति मिलती है, कोचों में एकरूपता हेतु हेरिटेज थीम आधारित साइन बोर्ड। * स्वच्छता सुधार: ऑटो एयर फ्रेशनर, सीट कवर डिस्पेंसर, उन्नत बिब कॉक्स, साबुन डिस्पेंसर, पीवीसी फ्लोरिंग मरम्मत तथा स्क्रैपर मैट्स की व्यवस्था। * सामान्य क्षेत्र: गैंगवे, डोरवे एवं शौचालयों में विनाइल रैपिंग द्वारा मजबूती और बेहतर रखरखाव। 27 मार्च 2026 को छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर आयोजित ट्रेन महोत्सव के अंतर्गत भी एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में यात्रियों, रेलवे अधिकारियों, रेल प्रेमियों तथा आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर पंजाब मेल, जो भारतीय रेल की सबसे पुरानी एवं प्रतिष्ठित ट्रेनों में से एक है, की गौरवशाली यात्रा को दर्शाने वाली एक आकर्षक ऑडियो-विज़ुअल प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया तथा भारतीय रेल में इस ट्रेन के अग्रणी योगदान और ऐतिहासिक महत्व को प्रभावी रूप से उजागर किया। * ऐतिहासिक विरासत पंजाब मेल, जिसे मूल रूप से पंजाब लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, भारतीय रेल की सबसे पुरानी ट्रेनों में से एक है। यह प्रसिद्ध फ्रंटियर मेल से 16 वर्ष से भी अधिक पुरानी है। उस समय बैलार्ड पियर मोल स्टेशन ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे (GIPR) सेवाओं का एक प्रमुख केंद्र था, जहाँ से पंजाब मेल ने अपनी यात्रा प्रारंभ की। * यात्रा विवरण * पंजाब मेल ने पहली बार 1 जून 1912 को बैलार्ड पियर मोल स्टेशन से प्रस्थान किया, जो उस समय GIPR (ग्रेट इंडियन पेनिनसुला रेलवे) का एक प्रमुख केंद्र था। * यह ट्रेन निर्धारित मेल दिवसों पर बॉम्बे के बैलार्ड पियर मोल स्टेशन से चलकर पेशावर तक जाती थी, तथा लगभग 2,496 किलोमीटर की दूरी लगभग 47 घंटे में तय करती थी। * इसका मार्ग मुख्यतः GIPR ट्रैक पर था और यह इटारसी, आगरा, दिल्ली तथा लाहौर जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरते हुए पेशावर कैंटोनमेंट तक पहुँचती थी। * वर्ष 1914 में इस सेवा का प्रारंभ एवं समापन बॉम्बे वीटी (वर्तमान छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई) से होने लगा और यह दैनिक सेवा बन गई। उस समय यह बॉम्बे–दिल्ली GIPR मार्ग पर 1,541 किलोमीटर की दूरी 29 घंटे 30 मिनट में तय करती थी। * 1920 के दशक के प्रारंभ तक यात्रा समय घटकर 27 घंटे 10 मिनट रह गया। * हालांकि वर्ष 1972 में अतिरिक्त ठहरावों के कारण यात्रा समय पुनः बढ़कर 29 घंटे हो गया। * वर्तमान में पंजाब मेल मुंबई से फिरोजपुर कैंटोनमेंट के बीच 1,928 किलोमीटर की दूरी 33 घंटे 35 मिनट में तय करती है तथा मार्ग में 52 स्टेशनों पर रुकती है। * कोच एवं ट्रैक्शन का विकास * प्रारंभ में इस ट्रेन में कुल 6 कोच होते थे—3 यात्री कोच तथा 3 डाक एवं माल (पोस्टल गुड्स/मेल) कोच। इन तीन यात्री कोचों में लगभग 288 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी। * 1930 के दशक के मध्य में तृतीय श्रेणी (IIIrd Class) कोचों का समावेश किया गया। * वर्ष 1945 में वातानुकूलित (एसी) कोचों की शुरुआत की गई। * वर्ष 1968 में ट्रेन का संचालन झांसी तक डीज़ल इंजन से किया जाने लगा, जिसे बाद में वर्ष 1976 तक नई दिल्ली और अंततः फिरोजपुर तक विस्तारित किया गया। * 1970 के दशक के अंत एवं 1980 के दशक की शुरुआत में ड्यूल करंट इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव (WCAM/1) का उपयोग करते हुए इगतपुरी तक विद्युत संचालन किया गया, जिसके बाद आगे की यात्रा के लिए ट्रैक्शन परिवर्तन किया जाता था। * पंजाब मेल के पारंपरिक कोचों को बदलकर एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए और 1 दिसंबर 2020 से यह ट्रेन एलएचबी रेक के साथ संचालित होने लगी। * वर्तमान में यह ट्रेन पूर्णतः विद्युत चालित है तथा इसमें रेस्टोरेंट कार के स्थान पर पैंट्री कार उपलब्ध है। * वर्तमान में यह ट्रेन 250% से अधिक अधिभोग (Occupancy) के साथ संचालित होती है और इसमें निम्नलिखित कोच शामिल हैं— 1 एसी प्रथम श्रेणी सह एसी द्वितीय श्रेणी (AC First Class cum AC-2 Tier), 2 एसी द्वितीय श्रेणी (AC-2 Tier), 6 एसी तृतीय श्रेणी (AC-3 Tier), 6 शयनयान (स्लीपर) श्रेणी कोच, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी कोच,1 जनरेटर वैन, 1 एसएलआर (गार्ड एवं लगेज वैन)