राज्य
02-Jun-2026
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* साबरकांठा के केशरगंज गांव में ग्राम कल्याण कार्यक्रम में पहुंचे राज्यपाल, ग्रामीणों के साथ किया वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, योग और प्राकृतिक खेती पर संवाद अहमदाबाद (ईएमएस)| गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत अपनी सादगी और जनता से जुड़े रहने की कार्यशैली के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रहित और जनसेवा के आह्वान से प्रेरित होकर उन्होंने एक बार फिर सादगी और जनसंपर्क का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया है। साबरकांठा जिले के वडाली तालुका स्थित केशरगंज गांव में आयोजित दो दिवसीय ग्राम कल्याण कार्यक्रम में भाग लेने के लिए राज्यपाल ने किसी विशेष वाहन या सरकारी काफिले का उपयोग नहीं किया, बल्कि आम नागरिकों की तरह राज्य परिवहन (एसटी) बस से यात्रा करना पसंद किया। प्रदेश में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी और लू के बावजूद राज्यपाल ने सामान्य यात्रियों के साथ बस में सफर किया। उन्होंने गांधीनगर से दोपहर 3 बजे कड़ी धूप और गर्मी के बीच अपनी यात्रा शुरू की। वापसी में भी उन्होंने अत्यधिक गर्मी के दौरान एसटी बस से ही सफर किया। गांधीनगर से केशरगंज और वहां से वापस लौटने में उन्हें कुल छह घंटे से अधिक समय बस में बिताना पड़ा। राज्य के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होने के बावजूद उनकी यह सादगीपूर्ण यात्रा लोगों के लिए आश्चर्य और प्रेरणा का विषय बन गई। यात्रा के दौरान राज्यपाल ने सहयात्रियों से आत्मीय संवाद किया और उनकी समस्याओं व अनुभवों को जाना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनता के बीच रहकर उनके सुख-दुख को समझना ही उनके लिए सबसे बड़ा संतोष है। आचार्य देवव्रत की यह पहल दर्शाती है कि लोककल्याण के लिए पद से अधिक महत्वपूर्ण सेवा भावना और सादगी होती है। उनकी यह यात्रा केशरगंज और आसपास के ग्रामीणों के लिए लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से राज्यपाल ने ग्राम कल्याण कार्यक्रम की शुरुआत की है। इसके तहत प्रत्येक सप्ताह किसी एक तालुका के एक गांव में दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम के प्रथम दिन राज्यपाल ने ग्रामीणों के साथ वृक्षारोपण किया, स्वच्छता अभियान में भाग लिया तथा अनुसूचित जाति के एक परिवार के घर रात्रिभोज ग्रहण किया। उन्होंने रात्रि सभा में ग्रामीणों के साथ ग्राम विकास और ग्रामीण उत्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की तथा गांव की प्राथमिक शाला के एक सामान्य कक्ष में रात्रि विश्राम किया। दूसरे दिन प्रातःकाल उन्होंने विद्यार्थियों और ग्रामीणों के साथ योगाभ्यास किया। इसके बाद एक किसान के घर जाकर स्वयं गाय का दूध दुहा। राज्यपाल ने प्राकृतिक खेती करने वाले एक प्रगतिशील किसान के खेत में जाकर हल भी चलाया तथा प्राकृतिक कृषि मॉडल फार्म का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित किसानों को प्राकृतिक खेती के लाभों और उसकी आवश्यकता के बारे में मार्गदर्शन दिया। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक कृषि परिसंवाद में बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने सभी किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।