मनीला (ईएमएस)। सोमवार रात को फिलीपींस में आसमान में सबसे ज्यादा सक्रिय मायोन ज्वालामुखी के ऊपर से एक चमकता हुआ उल्कापिंड तेजी से गुजरता दिखाई दिया। यह पूरी घटना न केवल प्रत्यक्षदर्शियों के लिए किसी चमत्कारी दृश्य से कम नहीं थी, बल्कि इसे कैमरे में भी स्पष्ट रूप से कैद कर लिया गया। फिलीपींस के ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान (फिवोल्क्स) ने इस घटना की पुष्टि की। संस्थान के अनुसार, यह अद्भुत खगोलीय घटना 25 मई की रात करीब 10:33 बजे रिकॉर्ड की गई। फिवोल्क्स के लिग्नॉन हिल आईपी कैमरे में एक हरे रंग का चमकीला उल्कापिंड मायोन ज्वालामुखी की उत्तरी ढलानों के ठीक ऊपर से गुजरता हुआ दिखा। अंधेरे आसमान की पृष्ठभूमि में इसकी तेज और शानदार रोशनी ने एक ऐसा शानदार दृश्य पेश किया, जिसे शायद ही किसी ने पहले देखा होगा। इस घटना को और भी असाधारण बनाने वाली बात यह रही कि जिस समय यह उल्कापिंड आसमान में अपनी चमक बिखेर रहा था, ठीक उसी दौरान मायोन ज्वालामुखी भी अपनी पूरी सक्रियता पर था। पिछले लगभग 140 दिनों से यह ज्वालामुखी लगातार लावा उगल रहा है, जो इसकी आंतरिक गतिविधियों का प्रमाण है। सोमवार शाम को भी मायोन में कई छोटे विस्फोट दर्ज किए गए, जिनसे गर्म राख, गैस और पत्थर तेजी से ज्वालामुखी की ढलानों से नीचे बहते देखे गए। फिवोल्क्स ने बताया कि शाम 7:20 बजे और 7:26 बजे राख और गर्म मलबे का तेज बहाव देखा गया, जबकि 7 बजकर 25 मिनट पर एक हल्का विस्फोट हुआ, जिसमें चमकता हुआ लावा ऊपर की ओर उछलता नजर आया। एक साथ दो शक्तिशाली प्राकृतिक घटनाओं का यह मेल एक दुर्लभ और विस्मयकारी क्षण था। वर्तमान स्थिति को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन ने मायोन ज्वालामुखी पर अलर्ट लेवल-3 लागू कर रखा है। यह दर्शाता है कि ज्वालामुखी में गतिविधियां काफी बढ़ चुकी हैं और कभी भी एक बड़ा तथा विनाशकारी विस्फोट हो सकता है। लोगों को ज्वालामुखी के आसपास के 6 किलोमीटर के स्थायी खतरे वाले इलाके में जाने से सख्त मना किया गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके। मायोन ज्वालामुखी को फिलीपींस का सबसे सक्रिय ज्वालामुखी माना जाता है। इसकी ऊंचाई करीब 2,462 मीटर है और यह अपनी लगभग पूर्ण शंकु जैसी आकृति के लिए भी विश्वभर में प्रसिद्ध है। हालांकि, यह जितना सुंदर दिखता है, उतना ही खतरनाक भी है। 1616 से अब तक इस ज्वालामुखी में कई बड़े विस्फोट हो चुके हैं, जिनमें से कुछ हल्के धमाके थे तो कुछ बेहद विनाशकारी। 1814 का विस्फोट सबसे भयानक माना जाता है, जिसमें 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी और आसपास के कई गांव पूरी तरह से तबाह हो गए थे। हाल के वर्षों में भी मायोन ज्वालामुखी लगातार सक्रिय रहा है। सुदामा/ईएमएस 03 जून 2026