सेना व राहत टीमें कर रही तलाश -29 मई की रात सभी गोई में रुके थे, सुबह देखा तो टेंट में नहीं थी बबीता उत्तरकाशी,(ईएमएस)। उत्तरकाशी में ट्रैकिंग के लिए गई नैनीताल की युवती का पांच दिन से कोई पता नहीं चला है। बबीता पांडे की तलाश के लिए सेना, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। ड्रोन के जरिए दयारा बुग्याल ट्रेक के दुर्गम क्षेत्रों को छाना जा चुका है, लेकिन अब तक कोई सुराग हाथ नहीं मिला है। बबीता के भाई हर्षित पांडे ने बताया कि उसकी बहन दो दोस्तों हरमनपाल और हरमनप्रीत के साथ गढ़वाल घूमने निकली थी। पहले वे हर्षिल गए और फिर दयारा बुग्याल की ट्रैकिंग पर निकले। 29 मई की रात को वे सभी रास्ते में गोई नामक स्थान पर रुके थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दोनों दोस्तों ने परिजनों को बताया कि अगली सुबह 4 बजे बबीता टेंट में नहीं थी और फोन करने पर उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। भाई का कहना है कि उसकी बहन उन दोनों के साथ गई थी, इसलिए सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं दोनों दोस्तों की थी। लापता बबिता नैनीताल जिले के रामनगर (चिल्किया) की रहने वाली है। वह अपने परिवार की सबसे बड़ी संतान और दो भाइयों हर्षित और तनुज की इकलौती बहन है। बबिता दिल्ली से एमबीए कर रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट-टाइम नौकरी कर रही थी। उनके दोनों भाई रामनगर में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हैं। अभी उनकी मां और बड़ा भाई हर्षित उत्तरकाशी में खोजबीन के लिए गए हैं, जबकि घर पर उनके छोटे भाई तनुज, दादी और दिव्यांग पिता हैं। सिराज/ईएमएस 03जून26