- 47 और अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए क्वालिफाई - 5 प्रश्नों के उत्तर सुधरे, 2 ड्रॉप हुए, सभी अभ्यर्थियों को मिले 3 बोनस अंक रांची (ईएमएस)। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने झारखंड न्यायिक सेवा के तहत सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पदों पर नियुक्ति के लिए आयोजित प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 9 फरवरी 2026 को दिए गए आदेश के बाद आयोग ने पहले संशोधित उत्तर कुंजी (आंसर की) प्रकाशित की और अब उसके आधार पर यह नया रिजल्ट घोषित किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परिणाम में किसी भी तरह की टंकण (टाइपिंग) या अन्य त्रुटि पाए जाने पर सुधार का अधिकार उसके पास सुरक्षित रहेगा। इसके साथ ही यह परीक्षा परिणाम झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित सुलोचना कुमारी बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य तथा रामेश्वर सिंह बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य जैसे मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन होगा। इस संशोधित परिणाम में कुल 1,844 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है, जबकि पिछले परिणाम में यह संख्या 1,797 थी। गौरतलब है कि इस परीक्षा का आयोजन दो साल पहले 10 मार्च 2024 को किया गया था और आयोग ने 2 जुलाई 2024 को इसका पहला परिणाम जारी किया था। इसके बाद विवादित उत्तरों को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां अदालत ने अंतिम उत्तर कुंजी की समीक्षा करने के निर्देश दिए। शीर्ष अदालत के आदेश के चार महीने बाद आयोग ने अब संशोधित परिणाम जारी किया है। संशोधित उत्तर कुंजी में कुल 100 प्रश्नों में से पांच प्रश्नों के उत्तरों में सुधार किया गया है, जबकि दो प्रश्नों को हटा (ड्रॉप) दिया गया है। इसके अलावा, तीन प्रश्न ऐसे थे जिनके दिए गए सभी विकल्प गलत थे, इसलिए आयोग ने इन प्रश्नों के लिए सभी अभ्यर्थियों को एक-एक अंक देने का निर्णय लिया है। सिविल जज के कुल 138 पदों पर नियुक्ति के लिए यह भर्ती प्रक्रिया साल 2023 से चल रही है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा की तीन बार उत्तर कुंजी जारी होने के बाद जुलाई 2024 में पहला कट-ऑफ जारी हुआ था। रामयश/ईएमएस 06 जून 2026