राज्य
06-Jun-2026


याचिकाकर्ता अभ्यर्थियों के परिणाम हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे जबलपुर (ईएमएस)। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश प्रणय वर्मा और न्यायाधीश जे.के. पिल्लई की अवकाशकालीन संयुक्तपीठ ने असिस्टेंट प्रोफेसर (कंप्यूटर विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2024 के परिणामों को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित करते हुए मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) को उक्त भर्ती परीक्षा के परिणाम घोषित करने की सशर्त अनुमति प्रदान की है। न्यायालय ने निर्देश दिया है कि जिन अभ्यर्थियों ने इस भर्ती प्रक्रिया को चुनौती देते हुए याचिकाएं दायर की हैं, उनके परिणाम सीलबंद लिफाफे में सुरक्षित रखे जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके। उक्त निर्देश के साथ संयुक्तपीठ ने मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद नियत कर दी। छतरपुर के अतिथि विद्वान हरचंडी अहिरवार सहित अन्य अभ्यर्थियों ने याचिकाएं दायर कर उच्च शिक्षा विभाग और एमपीपीएससी द्वारा 24 एवं 30 दिसंबर 2024 को जारी असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती विज्ञापनों को चुनौती दी गई है। उक्त याचिकाओं में अनुभव के लिए निर्धारित 25 प्रतिशत अंकों के प्रावधान पर सवाल उठाने के साथ ही आरक्षण से संबंधित लाभ नहीं दिए जाने का आरोप लगाया गया था| इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में समान अवसर के सिद्धांत के उल्लंघन का दावा भी किया गया था| उच्च न्यायालय ने इस मामले में 17 मार्च 2026 को सुनवाई के दौरान अपने अंतरिम आदेश में कहा था कि जिन याचिकाकर्ताओं ने लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है, उन्हें साक्षात्कार (इंटरव्यू) में शामिल होने दिया जाए। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया था कि न्यायालय की अनुमति के बिना इंटरव्यू के परिणाम घोषित नहीं किए जाएंगे। मार्च के उक्त अंतरिम आदेश के बाद एमपीपीएससी ने उच्च न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर कहा कि परिणाम जारी न कर पाने के कारण भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। आयोग ने न्यायालय से परिणाम घोषित करने की अनुमति मांगी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता अभिजीत अवस्थी तथा एमपीपीएससी की ओर से अधिवक्ता आदित्य पचौरी ने पक्ष रखा। उन्होंने तर्क दिया कि लंबित अंतरिम आदेश के कारण चयन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। सुनवाई के बाद अवकाशकालीन पीठ ने आयोग की दलीलों को स्वीकार करने के बाद जारी अपने आदेश में कहा कि जिन उम्मीदवारों ने कोई याचिका दायर नहीं की है, उनके परिणाम घोषित किए जा सकते हैं परंतु याचिकाकर्ताओं के परिणाम फिलहाल सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे। उनके परिणाम सीलबंद लिफाफे में रखे जाएंगे जो आगे न्यायालय के अंतिम निर्णय के अधीन रहेंगे। अजय पाठक / मोनिका / 06 जून 2026/ 02.33