शाह ने कहा, सीमा सुरक्षा को मजबूत करना केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में नई दिल्ली (ईएमएस)। देश की सीमाओं को अधिक सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि जल्द ही देश की सीमाओं पर सात से आठ स्थानों पर ‘स्मार्ट बॉर्डर’ पायलट परियोजना शुरू होगी। इस योजना का उद्देश्य घुसपैठ, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी ठंग से रोक लगाना है। त्रिपुरा के लंकामुरा सीमा चौकी पर बीएसएफ जवानों को संबोधित केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि सरकार सीमा पार से होने वाली घुसपैठ के जरिए किसी भी प्रकार के जनसांख्यिकीय बदलाव को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि चाहे त्रिपुरा हो, बंगाल हो या बिहार, सीमा सुरक्षा को मजबूत करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। केंद्रीय गृह मंत्री के अनुसार, स्मार्ट बॉर्डर परियोजना में आधुनिक तकनीक, स्थानीय प्रशासनिक संसाधनों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। यह योजना मौजूदा बाड़बंदी व्यवस्था का पूरक होगी और सीमाओं को अधिक प्रभावी ढंग से सुरक्षित बनाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि परियोजना की रूपरेखा करीब अंतिम चरण में है और शुरुआती चुनौतियों को दूर करने के बाद पूरे सीमा क्षेत्र में लागू होगी। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा से जुड़ी एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश से लगी करीब 650 किलोमीटर लंबी सीमा पर मौजूद 15 वर्ष से अधिक पुरानी 119 किलोमीटर बाड़ को बदलने की मंजूरी दे दी गई है। इससे सीमा प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश को सीमावर्ती क्षेत्रों में कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनमें मादक पदार्थों की तस्करी, मानव तस्करी, ड्रोन के माध्यम से नकली मुद्रा और अन्य अवैध गतिविधियां शामिल हैं। शाह ने जोर देकर कहा कि सुरक्षित राष्ट्र का अर्थ केवल बाहरी सैन्य खतरों से रक्षा नहीं है, बल्कि तस्करी, नशे और आर्थिक अपराधों से भी देश को सुरक्षित रखना है। केंद्रीय गृह मंत्री की यह यात्रा राजस्थान और गुजरात की सीमाओं के निरीक्षण के बाद हुई है। माना जा रहा है कि वह जल्द ही पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों का भी दौरा कर सकते हैं। आशीष दुबे / 06 जून 2026